वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए कॉल सेंटर की आड़ में चल रहे चार मंजिला ठगी के अड्डे पर छापा मारा. कार्रवाई के दौरान मौके से 21 युवतियां और 11 युवक मिले, जो कथित तौर पर ऑनलाइन ट्रेडिंग, निवेश और डिजिटल मार्केटिंग के नाम पर लोगों को झांसा देने वाले गिरोह से जुड़े पाए गए. पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह खुद को प्रतिष्ठित मल्टीनेशनल कंपनियों का अधिकृत एजेंट या निवेश सलाहकार बताकर देश-विदेश के लोगों से संपर्क करता था. आकर्षक मुनाफे और कम समय में अधिक रिटर्न का लालच देकर लोगों को फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और निवेश योजनाओं में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया जाता था. शुरुआत में छोटे मुनाफे का भरोसा दिलाकर विश्वास जीता जाता और बाद में बड़ी रकम जमा कराने के बाद संपर्क तोड़ दिया जाता था.
छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क, दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं. इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि ठगी का नेटवर्क कितने राज्यों और किन-किन देशों तक फैला हुआ था.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के सरगना, वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और अन्य सहयोगियों की पहचान की जा रही है. मामले में साइबर अपराध से जुड़ी विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है. जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दे चुका हो सकता है. पुलिस का कहना है कि पूरे रैकेट की गहराई से जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है.