नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनकी पत्नी पायल अब्दुल्ला का 17 साल पुराना वैवाहिक रिश्ता अब आधिकारिक तौर पर समाप्त होने जा रहा है. दोनों पक्षों द्वारा आपसी सहमति से तलाक लेने और एक-दूसरे के खिलाफ दर्ज सभी लंबित कानूनी मुकदमों को वापस लेने की जानकारी दिए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले का निपटारा करने की बात कही है.
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने बताया कि दंपति ने आपसी मतभेद पूरी तरह सुलझा लिए हैं. उन्होंने कहा कि दोनों ने आज़ादी को अपना लिया है. दोनों ने आपसी सहमति से शादी खत्म करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करते हुए 22 जुलाई को याचिका दाखिल की है. जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि अदालत अब समझौते की शर्तों के अनुसार उचित आदेश जारी कर मामले का निस्तारण करेगी.
उमर अब्दुल्ला और पायल की मुलाकात दिल्ली के ओबेरॉय होटल में काम के दौरान हुई थी, जिसके बाद 1994 में दोनों की शादी हुई. इस शादी से उनके दो बेटे- जाहिर और जमीर हैं. 2009 से दोनों अलग रहने लगे थे और 2011 में उमर अब्दुल्ला ने सार्वजनिक रूप से रिश्ते से अलग होने का ऐलान कर दिया था.
उमर अब्दुल्ला ने पहले फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी, जिसे 2016 में खारिज कर दिया गया. इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने 2023 में फैमिली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए पायल को 1.5 लाख रुपये मासिक भरण-पोषण और बेटे की पढ़ाई के लिए 60,000 रुपये प्रति माह देने का निर्देश दिया था. हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, जहां मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों ने सभी कानूनी लड़ाइयां खत्म कर आपसी सहमति से सम्मानजनक विदाई का रास्ता चुना.