सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को अवैध हिरासत में नहीं रखा जा सकता

Amanat Ansari 11 Oct 2026 01:18 PM 1 Mins
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को अवैध हिरासत में नहीं रखा जा सकता

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को विशेष सुनवाई करते हुए दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान कथित अवैध हिरासत और पुलिस अत्याचार के आरोपों पर केंद्र सरकार तथा दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है. अदालत ने स्पष्ट कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होने वाले प्रदर्शनकारियों को अवैध रूप से हिरासत में नहीं लिया जा सकता, सिवाय कानून के प्रावधानों के अनुसार.

जस्टिस बागची और जस्टिस वी. मोहना की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि दिल्ली भर में लगाए गए बैरिकेड्स की समीक्षा की जाए. अदालत ने कहा कि विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां धारा 163 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू नहीं हैं, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ केवल कानून के दायरे में ही कार्रवाई की जाए.

अदालत ने क्या कहा?

  • शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को अवैध हिरासत में नहीं रखा जा सकता.
  • बैरिकेडिंग की समीक्षा कर अनावश्यक प्रतिबंध हटाए जाएं.
  • कथित अवैध हिरासत, पुलिस excesses और संबंधित आरोपों पर सरकार जवाब दे.

यह आदेश मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को हुए प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर हिरासत, मेट्रो स्टेशन बंद करने और इंटरनेट निलंबन जैसे मुद्दों पर दायर याचिकाओं पर आया है. अदालत ने पहले भी मेट्रो और ट्रेन सेवाओं को पूरी तरह बंद न करने तथा स्वतंत्र आवाजाही बनाए रखने के निर्देश दिए थे. सरकार ने अदालत को बताया था कि इंटरनेट और मेट्रो सेवाएं अब सामान्य हो चुकी हैं. सुनवाई जारी है और आगे के निर्देश जल्द जारी किए जा सकते हैं.

Supreme Court Delhi protests illegal detention allegations police force

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