नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने हिंदुत्व विचारक वीर सावरकर पर की गई टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक शिकायत और निचली अदालत द्वारा जारी समन को रद्द कर दिया है.
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने राहुल गांधी की याचिका मंजूर करते हुए कहा कि मुकदमा चलाने के लिए जरूरी कानूनी मंजूरी नहीं ली गई थी. अदालत ने स्पष्ट किया कि यूपी सरकार के हलफनामे में मंजूरी का कोई जिक्र नहीं है, इसलिए मजिस्ट्रेट का आदेश रद्द किया जाता है.
मामला नवंबर 2022 का है, जब भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने सावरकर को अंग्रेजों का सहयोगी बताया था. वकील नृपेंद्र पांडेय ने इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें IPC की धारा 153A और 505 के तहत आरोप लगाए गए थे.
निचली अदालत ने समन जारी किया था, जिसे हाईकोर्ट ने भी रद्द करने से इनकार कर दिया था. इसके बाद राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे. पहले की सुनवाई में कोर्ट ने उनके बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताया था, लेकिन कानूनी आधार पर अब केस खत्म कर दिया गया है.