नई दिल्ली: तामिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. यह राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बैठक अभिनेता से राजनेता बने विजय के सत्ता संभालने के कुछ हफ्तों बाद हुई है. यह उनकी लगभग 12 साल बाद प्रधानमंत्री से हुई पहली ज्ञात मुलाकात है. सेवा तीर्थ में हुई यह बैठक करीब 25 मिनट चली, जिसने केंद्र और तामिलनाडु की नई सरकार के बीच संबंधों को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज कर दी है.
मुलाकात के दौरान विजय ने प्रधानमंत्री मोदी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें तामिलनाडु से जुड़ी कई प्रमुख मांगें और मुद्दे शामिल थे. इनमें वंदे मातरम विवाद, मेकेदाटु परियोजना विवाद, रक्षा परियोजनाएं और श्रीलंकाई नौसेना द्वारा तामिलनाडु के मछुआरों की गिरफ्तारी शामिल हैं. मुलाकात के तुरंत बाद विजय दिल्ली के तामिलनाडु हाउस पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी पहली आधिकारिक दिल्ली यात्रा के दौरान उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.
विजय ने वंदे मातरम विवाद को उठाया
ज्ञापन में विजय ने सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम को पहले गाने का निर्देश देने वाले सर्कुलर पर विवाद का जिक्र किया. उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय को निर्देश दें कि तामिलनाडु के राज्य गान को वंदे मातरम से पहले गाने की अनुमति दी जाए. यह मुद्दा हाल ही में तामिलनाडु में सांस्कृतिक पहचान और सरकारी समारोहों के प्रोटोकॉल को लेकर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है.
मेकेदाटु मुद्दा प्रधानमंत्री के सामने उठाया
विजय ने कर्नाटक की प्रस्तावित मेकेदाटु परियोजना पर भी जोरदार आपत्ति जताई और परियोजना से जुड़ी भूमि पूजा को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ बताया. तामिलनाडु के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि जल शक्ति मंत्रालय और केंद्रीय जल संसाधन ट्रिब्यूनल को सलाह दी जाए कि सभी संबंधित राज्यों की सहमति के बिना इस परियोजना को अनुमति न दी जाए. मेकेदाटु मुद्दा कावेरी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर तामिलनाडु और कर्नाटक के बीच लंबे समय से विवाद का विषय है.
तामिलनाडु में रक्षा परियोजनाओं की मांग
मुख्यमंत्री ने AMCA और CABS परियोजनाओं पर चल रहे DRDO अध्ययन का जिक्र करते हुए केंद्र से CABS सुविधा तामिलनाडु में स्थापित करने का अनुरोध किया. यह कदम तामिलनाडु को रक्षा और एयरोस्पेस विनिर्माण क्षेत्र में मजबूत बनाने की दिशा में देखा जा रहा है.
मछुआरों का मुद्दा भी चर्चा में
विजय ने श्रीलंकाई नौसेना द्वारा तामिलनाडु के मछुआरों पर बढ़ते हमलों और उनकी गिरफ्तारी पर भी चिंता जताई. ज्ञापन के अनुसार, वर्तमान में 58 तामिलनाडु के मछुआरे श्रीलंकाई जेलों में बंद हैं, जबकि 288 मछली पकड़ने वाली नावें जब्त की गई हैं. उन्होंने केंद्र सरकार से मछुआरों और उनकी नावों की रिहाई के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया.
सत्ता संभालने के बाद दिल्ली की पहली यात्रा
विजय की यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह तामिलनाडु विधानसभा में विश्वास मत जीतने के कुछ दिनों बाद हुई है. उनके दल तमिलागा वेट्ट्री कझगम (TVK) ने चुनाव में 108 सीटें जीती थीं. सूत्रों के अनुसार, विजय अपनी दिल्ली यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात करने वाले हैं. वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से भी 10 जनपथ पर मुलाकात करेंगे. वामपंथी दलों और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के नेता भी तामिलनाडु हाउस पर विजय से मिलने वाले हैं.
TVK की तेजी से सत्ता तक यात्रा
विजय की दिल्ली यात्रा तामिलनाडु में उनकी उल्लेखनीय राजनीतिक सफलता के बीच हुई है. तमिलागा वेट्ट्री कझगम विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. विजय ने 13 मई को कांग्रेस, CPI, CPI(M), VCK और IUML के समर्थन से विश्वास मत हासिल किया. विश्वास मत में 144 वोट उनके पक्ष में पड़े, जबकि 22 MLAs ने विरोध किया और 5 ने अनुपस्थित रहे. एक बड़े मोड़ में, 25 AIADMK MLAs ने विद्रोह कर विजय सरकार का समर्थन किया. निष्कासित AMMK MLA कमराज ने भी नई सरकार का साथ दिया.
राजनीतिक संकेतों पर नजर
मोदी और विजय के बीच चर्चा का विवरण दोनों तरफ से जारी नहीं किया गया, लेकिन यह बैठक तामिलनाडु की बदलती राजनीतिक स्थिति और विजय की बढ़ती राष्ट्रीय दृश्यता को देखते हुए नजर रखी जा रही है. यह मुलाकात दक्षिण भारत में आने वाले प्रमुख राजनीतिक लड़ाइयों से पहले क्षेत्रीय दलों की रणनीतियों को फिर से तैयार करने के समय में हुई है.