नई दिल्ली: तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि फिर से विवादों में घिर गए हैं, राज्य सरकार ने उनके ऊपर संविधान का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है, जिसका कारण बताया जा रहा है राज्यपाल द्वारा लगाया ‘जय श्री राम’ का नारा. कांग्रेस विधायक ने तो इसे कट्टरता को बढ़ावा देने वाला बयान भी बता दिया है.
इंजीनियरिंग कॉलेज के कार्यक्रम में पहुंचे थे राज्यपाल
तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि मदुरै में एक इंजीनियरिंग कॉलेज में पहुंचे थे. जहां उन्होंने छात्रों से कम्बा रामायण लिखने वाले एक प्रचीन कवि को श्रद्धांजलि देने के लिए कहा, श्रद्धांजलि देने के दौरान ही राज्यपाल ने छात्रों से जय श्री राम का नारा लगाने के लिए कहा था. दरअसल, कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने कहा "आज हम उस महापुरुष को श्रद्धांजलि देंगे, जो श्रीराम के महान भक्त थे. मैं कहूंगा 'जय श्री राम', आप भी कहिए 'जय श्री राम’. इसी बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो में छात्रों द्वारा ‘जय श्री राम’ के नारे के दोहराते हुए भी देखा जा सकता है.
राज्यपाल के बयान पर घमासान
आरएन रवि के इस बयान पर राज्य में राजनीतिक घमासान छिड़ा हुआ है, तमिलनाडु में सरकार चला रही DMK ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, पार्टी के प्रवक्ता धरनीधरन ने विरोध जताते हुए कहा है कि ‘ये देश के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के पूरी तरह खिलाफ है, राज्यपाल बार-बार संविधान का उल्लंघन क्यों करना चाहते हैं? इसके साथ ही धरनीधरन ने राज्यपाल के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा है कि उन्होंने अभी तक रिजाइन क्यों नहीं दिया? राज्यपाल आरएसएस के प्रवक्ता बन चुके हैं, सुप्रीम कोर्ट ने जबकि उन्हें उनकी जगह दिखा दी है’.
कांग्रेस की आपत्ति
कांग्रेस के विधायक आसन मौलाना ने भी राज्यपाल आरएन रवि के बयान की आलोचना की है. मौलाना ने कहा है कि “वह देश के सबसे उच्च पदों में से एक पद पर बैठे हैं, लेकिन ऐसे बयान दे रहे हैं जैसे कोई धार्मिक प्रचारक हों. भारत विविधताओं का देश है, इस तरहर जय श्री राम के नारे लगवाकर राज्यपाल असमानता और धार्मिक विचारधारा को बढ़ावा दे रहे हैं”
कांग्रेस विधायक ने मीडिया के सामने राज्यपाल पर ये आरोप लगाया कि वो अब आरएसएस और बीजेपी के प्रचारक बन चुके हैं. ये पद की गरिमा के खिलाफ है.