पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं. 30 जून 2025 को तेज प्रताप अचानक पटना के लंगरटोली इलाके में अनुष्का यादव के घर पहुंचे, जिसके साथ उन्होंने पहले सोशल मीडिया पर 12 साल के रिश्ते का दावा किया था. इस मुलाकात ने बिहार की राजनीति में एक नया तूफान खड़ा कर दिया है, खासकर तब जब तेज प्रताप को पहले ही RJD और परिवार से 6 साल के लिए निष्कासित किया जा चुका है. तेज प्रताप ने अनुष्का के घर पहुंचकर कहा, "यहां से हमारा पारिवारिक रिश्ता है. कोई मुझे उनसे मिलने से नहीं रोक सकता. मैं देखता हूं कौन रोकता है!" उनके इस बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है.
यह विवाद तब शुरू हुआ जब मई 2025 में तेज प्रताप ने अपने फेसबुक अकाउंट पर अनुष्का यादव के साथ एक तस्वीर साझा की थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि वे पिछले 12 साल से एक-दूसरे को जानते हैं और प्रेम संबंध में हैं. इस पोस्ट के वायरल होने के बाद भारी विवाद खड़ा हुआ, क्योंकि तेज प्रताप का 2018 में ऐश्वर्या राय (पूर्व बिहार मुख्यमंत्री दरोगा राय की पोती) के साथ विवाह हुआ था, जो कुछ ही महीनों में टूट गया. ऐश्वर्या ने तेज प्रताप और उनके परिवार पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था, और यह मामला अभी भी पटना के पारिवारिक न्यायालय में लंबित है. तेज प्रताप की इस पोस्ट के बाद उनके पिता लालू प्रसाद यादव ने 25 मई 2025 को उन्हें "नैतिक मूल्यों की अवहेलना" और "गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार" का हवाला देकर पार्टी और परिवार से निष्कासित कर दिया था. लालू ने अपने बयान में कहा था, "निजी जीवन में नैतिक मूल्यों की अनदेखी सामाजिक न्याय के लिए हमारे सामूहिक संघर्ष को कमजोर करती है."
तेज प्रताप ने बाद में दावा किया था कि उनका फेसबुक अकाउंट हैक हो गया था और तस्वीरों को गलत तरीके से संपादित किया गया था. हालांकि, उन्होंने इस संबंध में कोई औपचारिक पुलिस शिकायत दर्ज नहीं की. अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव, जो पहले RJD की छात्र इकाई के अध्यक्ष थे, ने इस मामले में बयान दिया कि उनकी बहन का कोई गलत इरादा नहीं था और कुछ लोग उनकी छवि खराब करने की साजिश कर रहे हैं. आकाश ने लालू को सलाह दी कि वे "बाहरी लोगों" को अपने परिवार को बर्बाद करने से रोकें.
तेज प्रताप की अनुष्का के घर की यह मुलाकात कई सवाल खड़े कर रही है. सूत्रों के अनुसार, अनुष्का का परिवार लंगरटोली में रहता है और उनके पिता मनोज यादव का लालू के भतीजे नागेंद्र राय के परिवार से पुराना रिश्ता है. कुछ लोग इसे तेज प्रताप की ओर से अपने निष्कासन के खिलाफ बगावत का संकेत मान रहे हैं, जबकि अन्य का मानना है कि यह बिहार विधानसभा चुनाव से पहले उनकी नई राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है. तेज प्रताप ने हाल ही में समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव से वीडियो कॉल पर बात की थी, जिसके बाद उनके नई पार्टी बनाने या किसी अन्य दल के साथ गठबंधन की अटकलें तेज हो गई हैं.
यह घटना RJD के लिए एक नई चुनौती बन रही है, क्योंकि पार्टी पहले से ही आगामी बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है. तेज प्रताप के छोटे भाई तेजस्वी यादव, जो RJD के प्रमुख चेहरा हैं, ने इस मामले पर कहा था कि निजी और राजनीतिक जीवन को अलग रखना चाहिए. उन्होंने अपने पिता के फैसले का समर्थन किया था. इस बीच, विपक्षी दल जैसे बीजेपी और जेडी(यू) इस पारिवारिक विवाद को भुनाने की कोशिश में हैं, इसे लालू परिवार की कमजोरी के रूप में पेश कर रहे हैं.
तेज प्रताप की इस हरकत ने न केवल उनके परिवार और पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी की हैं, बल्कि यह भी सवाल उठा रहे हैं कि क्या वे अपने राजनीतिक करियर को बचाने के लिए कोई नया कदम उठाएंगे. बिहार की सियासत में तेज प्रताप की यह कहानी अभी और नए मोड़ ले सकती है.