नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के संस्थापक लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया. यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब पार्टी पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव में हाशिए पर चली गई थी.
इस नियुक्ति के साथ ही पार्टी के अंदर असंतोष के साफ संकेत दिखाई दिए. रविवार को पटना में RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से कुछ घंटे पहले, लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाया कि पार्टी का नियंत्रण "घुसपैठियों और षड्यंत्रकारियों" के हाथ में चला गया है, जिनका एकमात्र उद्देश्य "लालूवाद" को नष्ट करना है.
एक्स पर एक पोस्ट में आचार्य ने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि पार्टी में नेतृत्व के फैसले लेने वालों को "सवालों से बचने या भ्रम पैदा करने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए". उन्होंने लिखा, "आज पार्टी की असली कमान जो दलितों-शोषितों के अधिकारों के लिए लड़ने के लिए जानी जाती थी, घुसपैठियों और षड्यंत्रकारियों के हाथ में है, जिन्हें विरोधियों ने भेजा है. उनका एकमात्र उद्देश्य लालूवाद को नष्ट करना है... ऐसे लोग अपने गंदे मकसद में काफी हद तक सफल हो चुके हैं."
आचार्य, जो योग्यता से डॉक्टर हैं लेकिन बाद में गृहिणी बनकर अपने पति के साथ सिंगापुर में बस गईं, ने पार्टी की इस महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक से ठीक पहले ये टिप्पणियां कीं, जिससे पार्टी के भविष्य के रास्ते को लेकर चल रही आंतरिक बहस और गहरा गई. उन्होंने आगे कहा, "वे 'लालूवाद' और पार्टी के हित की बात करने वालों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं. पार्टी की भलाई के बारे में सोचने वालों के साथ भी बदतमीजी करते हैं. अगर 'वह' चुप्पी साधे रहते हैं, तो पार्टी और 'लालूवाद' के खिलाफ साजिश रचने वाली टोली के साथ मिलीभगत का आरोप अपने आप सिद्ध हो जाता है."
इससे पहले भी उन्होंने RJD के मौजूदा नेतृत्व के खिलाफ आवाज उठाई थी. उन्होंने कहा, "जो कोई भी लालू जी द्वारा स्थापित पार्टी के लिए निस्वार्थ संघर्ष करता है, जो लालू जी की राजनीतिक विरासत और विचारधारा को गर्व से आगे बढ़ाता है, वह पार्टी की वर्तमान दयनीय स्थिति के लिए जिम्मेदार लोगों से सवाल जरूर करेगा."
रोहिणी ने कहा कि ऐसे लोगों की संदिग्ध भूमिका के खिलाफ आवाज उठाएंगे, बिना परिणामों की परवाह किए. पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव में RJD की बुरी हार के बाद, लालू प्रसाद की इस बेटी ने घोषणा की थी कि वह राजनीति से इस्तीफा दे रही हैं और परिवार से संबंध तोड़ रही हैं.