बिहार में इन दिनों राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल रही है. पहले प्रशांत किशोर ने तेजस्वी को लेकर बयान दिया था और अब तेजस्वी यादव और आरजेडी सांसद मनोज झा ने प्रतिक्रियाएं दी हैं. प्रशांत किशोर ने राजद नेता और बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की अगामी 10 तारीख से शुरू होने वाली बिहार की राजनीतिक यात्रा पर हमला किया था.
उन्होंने कहा था कि जिसके माता-पिता 15 साल तक मुख्यमंत्री रहे, उसका बेटा नौवीं पास नहीं कर पाया. इस बयान पर तेजस्वी यादव ने कहा कि टीका-टिप्पणी से कोई लेना देना नहीं है, बहुत लोग लाइन में लगे हुए हैं हमला करने के लिए, हमला करते रहते हैं कुछ होता है. वहीं आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा कि प्रशांत किशोर मॉब लिंचिंग और बुलडोजर जैसे मुद्दों को लेकर कुछ नहीं बोलते हैं.
मनोज झा ने कहा कि प्रशांत किशोर कहते हैं कि तेजस्वी यादव का कोई महत्व नहीं है, लेकिन जब वह दो घंटे तक बोलते हैं तो उसमें से एक घंटा 54 मिनट तेजस्वी के बारे में ही बात करते हैं. उन्होंने प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पीएम मोदी का 11वां और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का करीब 19वां साल है, लेकिन प्रशांत किशोर को सिर्फ तेजस्वी से समस्या है. मनोज झा ने प्रशांत किशोरे बयानों को पूर्वाग्रह से प्रेरित बताया है.
दरअसल, प्रशांत किशोर ने आरा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. उन्होंने कहा था कि नौवीं फेल बिहार के विकास का रास्ता बता रहे हैं. जिस बच्चे के मां-बाप मुख्यमंत्री रहे, उसने 10वीं पास भी नहीं किया. ये दिखाता है कि शिक्षा के प्रति उनकी सोच क्या है? जो व्यक्ति नौवीं फेल है, वो बिहार के विकास का रास्ता बताने का दावा कर रहा है. पीके ने तेजस्वी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिसको यह नहीं मालूम है कि जीडीपी ग्रोथ क्या है? वो आदमी बता रहा है कि बिहार का विकास कैसे होगा? वो यानी तेजस्वी यादव समाजवाद की परिभाषा तक नहीं बता सकते हैं.