Meerut Building Accident: रविवार को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी है कि मेरठ में बिल्डिंग ढहने से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 10 हो गई है, जबकि पांच लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. उक्त पुलिस अधिकारी ने कहा कि घटनास्थल को सील कर दिया गया है. हालांकि मलबे में किसी भी नागरिक के मौजूदगी की संभावना नहीं है, फिर भी यह सुनिश्चित करने के लिए खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि 5 घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और 5 शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है.
स्थानीय पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी है कि घटना शनिवार को शाम करीब 4.30 बजे मेरठ शहर के जाकिर कॉलोनी इलाके में घटित हुई. मेरठ के डीएम दीपक मीना ने बताया कि परिवार और रिश्तेदारों ने जानकारी दी थी कि घर के मलबे में 15 लोग फंसे हुए थे. सभी 15 लोगों को बचा लिया गया है, जिनमें से 10 की मौत हो गई है और 5 का इलाज चल रहा है. शवों को पोस्टमार्टम सहित आगे की चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए अस्पताल भेज दिया गया है और इलाके को सील कर मलबा हटाया जा रहा है, जब तक हमें मलबे में किसी इंसान के होने की संभावना नहीं मिलती, तब तक बचाव अभियान जारी रहेगा.
वहीं राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें मौके पर मौजूद हैं. इलाके में बारिश के बीच बचाव अभियान चलाया जा रहा है. बता दें कि भारी बारिश के कारण उत्तर प्रदेश के 11 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया है कि बाढ़ के कारण अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है.
इससे पहले राज्य के मुख्यमंत्री कार्यालय ( CM Yogi Office) ने एक्स पर एक पोस्ट में जानकारी दी थी कि बारिश जनति हादसों (UP rain accident) के कारण मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की राहत राशि प्रदान की गई है. अब तक 30 पशुओं की हानि के संबंध में 30 प्रभावित लोगों को राहत राशि प्रदान की गई है. साथ ही 3056 घरों को नुकसान पहुंचा है और इस संबंध में राहत सहायता वितरित की गई है.