
नवादा: बिहार के धनकुबेर डीईओ रजनीकांत प्रवीण के पास इतना पैसा कहां से आया, इसकी पूरी कहानी करीब 10 घंटे की छापेमारी के बाद सामने आई, बेतिया वाली नोटों की तस्वीर देखकर अगर आपका दिमाग भन्ना रहा है तो जरा 6 और जगहों की कहानी सुन लीजिए, ये जो खाद की बोरी आपको दिख रही है, इसके अंदर नोटों की गड्डी और गहनों के अलावा क्या-क्या मिला है, ये भी सुनिए, सिर्फ डीईओ साहब ही नहीं बल्कि उनकी पत्नी भी धनकुबेर हैं, मधुबनी जिले के सिकरी वाले घर पर जब विजिलेंस की टीम के 5 अधिकारी पहुंचे तो उन्हें भारी मात्रा में नोट वहां भी बिखरे मिले, डीईओ की पत्नी से जब अधिकारियों ने पूछताछ की तो पता चला...
वो वहां किराये के मकान में रहती है, डीईओ साहब का आना-जाना भी वहां लगा रहता था. प्राइवेट स्कूल के कई शिक्षकों को भी इसी रूम में किराये पर मकान दिलवाया हुआ है, करीब 93 हजार रुपया किराया मकान मालिक का बकाया है.
अब घर में नोटों की गड्डियां छिपाकर रखने वाली डीईओ की पत्नी ने किराया क्यों बाकी रखा था, इसके पीछे क्या कहानी है, ये विजिलेंस के अधिकारी खंगाल रहे हैं, पत्नी के पास से कई दस्तावेज भी अधिकारियों ने बरामद किए हैं, ख़बर है डीईओ साहब के रेंट वाले आवास से करीब 3 करोड़ रुपये अब तक जब्त हुए हैं, बाकी के 6 ठिकानों से कई दस्तावेज मिले हैं, जिसके बाद डीईओ को सस्पेंड कर दिया गया है, तो वहीं उनके परिवारवाले अब अधिकारियों के रडार पर हैं, आप ये जानकर दंग रह जाएंगे कि डीईओ का पूरा परिवार ही शिक्षा विभाग से जुड़ा है. इसीलिए पटना से पहुंची 40 अधिकारियों वाली विजिलेंस टीम ने एक साथ करीब 7 अड्डों पर छापा मारा.
जिसमें पहला था पश्चिमी चंपारण जिले का बेतिया, जहां डीईओ साहब रेंट के मकान में रहते थे, दूसरा था समस्तीपुर, जहां इनका ससुराल है, और इनकी पत्नी सुषमा शर्मा रहती हैं, जबकि तीसरा और चौथा था समस्तीपुर का बगहा एरिया और दरभंगा जिला जहां इनकी पत्नी प्राइवेट स्कूल चलाती हैं. इसके अलावा पांचवां था मधुबनी, जहां डीईओ साहब पहले पोस्टेड थे, वहां भी कोई खजाना छिपाया था या नहीं ये देखने विजिलेंस की टीम गई थी. समस्तीपुर और बगहा में दो-दो जगहों पर विजिलेंस ने छापा मारा, इस तरह डीईओ साहब के कुल 7 ठिकाने जांच की जद में थे, और वहां से जो-जो जानकारी मिली, उसे सुनकर आंखें फटी-फटी की रह जाएंगी.
डीईओ रजनीकांत प्रवीण का पूरा परिवार शिक्षा विभाग से जुड़ा है, पत्नी पहले संविदा शिक्षक थीं, बाद में एक बड़े स्कूल की फ्रेंचाइजी ले ली, और वहां से मोटी कमाई होने लगी. जबकि साली पूनम शर्मा वहीं एक स्कूल में टीचर हैं, सास निर्मला शर्मा टीचर से रिटायर्ड हैं, डीईओ साहब की कारस्तानी की वजह से अब सब जांच के घेरे में हैं, किसके पास भ्रष्टाचार का कितना रुपया गया है, इसकी जांच हो रही है, पता ये भी चला है कि नवादा वाले घर में इनका आना-जाना न के बराबर था, लेकिन दोनों पति-पत्नी इतनी अकूत संपत्ति होने के बाद भी रेंट के मकान में क्यों रहते थे.
क्या जांच को भटकाने के लिए उन्होंने ये चाल चली थी, ये बड़ा सवाल है. क्या डीईओ के ऊपर किसी बड़े आदमी का हाथ है, क्या विजिलेंस की टीम उस तक पहुंच पाएगी, या सिर्फ जांच यहीं रुकने वाली है, ये सवाल भी बिहार में अभी से चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि अक्सर ऐसा होता है ऐसे अधिकारी पकड़ लिए जाते हैं, लेकिन उनके आका खुलेआम घूम रहे होते हैं.