नई दिल्ली: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के ओखला इलाके में एक 8 साल की मासूम बच्ची के साथ तीन नाबालिग लड़कों ने क्रूरता की मिसाल पेश की है. पुलिस ने सोमवार को बताया कि तीनों आरोपियों (उम्र 12 से 13 साल के बीच) को घटना के बाद हिरासत में ले लिया गया है.
पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने बताया कि 12 मार्च और 13 मार्च को दिन के समय तीन लड़कों (एक 12 साल का और दो 13 साल के) ने उसे सड़क पर रोका और बहला-फुसलाकर ओखला फेज-2 में स्थित एक गोदाम में ले गए. वहां उन्होंने बच्ची के कपड़े उतारे और बारी-बारी से उसके साथ बलात्कार किया.
14 मार्च को ओखला इंडस्ट्रियल एरिया थाने में पीसीआर कॉल आई, जिसमें बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न की शिकायत थी. पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच में एक महिला अधिकारी को भी शामिल किया गया.
पीड़िता को एम्स (AIIMS) ले जाया गया, जहां मेडिकल जांच में यौन हमले की पुष्टि हुई. बच्ची के बयान के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की संबंधित धाराओं और POCSO एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act) के तहत FIR दर्ज की.
पुलिस ने बताया कि FIR दर्ज होने के कुछ घंटों के भीतर ही तीनों नाबालिगों को हिरासत में ले लिया गया. फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है. यह घटना एक बार फिर समाज में बच्चों की सुरक्षा और नाबालिग अपराधियों से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर सवाल खड़े कर रही है.