कुवैत के मंगाफ शहर स्थित एक बहुमंजिला इमारत में बुधवार को आग लग गई थी. इस घटना में 45 भारतीय सहित कुल 49 लोगों की मौत हो गई थी. मृतकों में 3 उत्तर प्रदेश के बताए गए थे. प्रशासन ने गुरुवार को ही इसकी जानकारी मृतकों के परिजनों को दे दी थी, जिसके बाद से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है. वहीं इसकी जानकारी आने के बाद से ही उत्तर प्रदेश सरकार हरकत में आ गई थी.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अधिकारियों ने विदेश मंत्रालय और कुवैत स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क किया था. मीडिया रिपोर्ट्स से जानकारी मिली है कि मरने वालों में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के 2 और वाराणसी के एक व्यक्ति भी शामिल हैं. मरने वालों की पहचान वाराणसी के माधव सिंह, गोरखपुर के जयराम और गोरखपुर के ही अंगद गुप्ता के रूप में की गई है. वहीं 23 लोग केरल राज्य के रहने वाले थे.
यूपी सरकार के एक प्रवक्ता ने इसे लेकर जानकारी भी दी है. उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलने के साथ ही सीएम योगी ने संबंधित अधिकारियों को सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दे दिए थे, जिसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय और कुवैत स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क किया गया था.
मृतकों के शव को हरक्यूलिस विमान से भारत लाया गया है. वहीं उत्तर प्रदेश के लोगों के शव उनके पैतृक गांव तक पहुंचाया जाएगा. गांव तक शव ले जाने की व्यवस्था उत्तर प्रदेश सरकार करेगी. बता दें कि आग लगने की इस घटना में 45 भारतीय सहित 49 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी. वहीं सभी घायलों की स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है.
इस घटना में 50 से अधिक लोग घायल भी हो गए थे, जिन्हें कुवैत के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह को कुवैत जाने के लिए बोल दिया था, जो अभी कुवैत में ही मौजूद हैं.
इसी बीच आज भारतीय वायुसेना का एक विशेष विमान 45 भारतीयों के शवों को लेकर केरल पहुंचा. इस दौरान कोच्चि में हवाई अड्डे पर भारी पुलिस बल और एम्बुलेंस तैनात की गईं. इस दौरान केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन भी कोच्चि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे.