तेलंगाना में माओवादियों का कायराना हमला, तीन पुलिसकर्मी शहीद

Amanat Ansari 08 May 2025 05:59: PM 2 Mins
तेलंगाना में माओवादियों का कायराना हमला, तीन पुलिसकर्मी शहीद

नई दिल्ली: 8 मई 2025 की सुबह तेलंगाना के मुलुगु जिले में माओवादियों ने एक कायराना हमला किया, जिसमें तेलंगाना पुलिस के तीन जवान शहीद हो गए. यह घटना सुबह करीब 7:30 बजे वजीदु पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले घने जंगल में हुई. पुलिस की एक टीम नियमित रूप से बम डिटेक्शन ड्यूटी पर थी, तभी माओवादियों ने जंगल में पहले से लगाए गए एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) को विस्फोट कर दिया. इस धमाके में तीन पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई. यह इस साल तेलंगाना पुलिस और माओवादियों के बीच पहला घातक टकराव है, जिसने इलाके में तनाव बढ़ा दिया है.

मुलुगु जिला, जो छत्तीसगढ़ की सीमा से सटा हुआ है, अपने घने जंगलों और माओवादी गतिविधियों के लिए जाना जाता है. यह इलाका तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा पर होने की वजह से माओवादियों के लिए एक संवेदनशील क्षेत्र रहा है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, हमला वजीदु-पेरुरू जंगल क्षेत्र में हुआ, जहां माओवादियों ने पहले से ही IED बिछा रखा था. इस विस्फोट ने न केवल तीन जवानों की जान ले ली, बल्कि क्षेत्र में सुरक्षा बलों की चुनौतियों को भी उजागर कर दिया. पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर दी है और जांच शुरू कर दी है. अभी तक शहीद जवानों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन उनके परिवारों को सूचित किया जा रहा है.

माओवादी गतिविधियों का इतिहास

तेलंगाना के मुलुगु, भद्रद्रि-कोठागुडेम, और अन्य सीमावर्ती जिलों में प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) लंबे समय से सक्रिय है. ये इलाके घने जंगलों और पहाड़ों से घिरे होने की वजह से माओवादियों के लिए सुरक्षित ठिकाने बन गए हैं. माओवादी अक्सर पुलिस और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए IED और लैंडमाइन का इस्तेमाल करते हैं. हाल के महीनों में इस क्षेत्र में माओवादी गतिविधियां बढ़ी हैं. दिसंबर 2024 में, मुलुगु के चालपका जंगल में तेलंगाना पुलिस की ग्रेहाउंड्स इकाई ने एक ऑपरेशन में सात माओवादियों को मार गिराया था, जिसमें येल्लांडु-नरसमपेट क्षेत्र समिति का कमांडर कुर्सम मंगु भी शामिल था.

ऑपरेशन संकल्प और हाल की घटनाएं

इस हमले से एक दिन पहले, 7 मई 2025 को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में 'ऑपरेशन संकल्प' के तहत सुरक्षा बलों ने कर्रेगुट्टा जंगल में 22 माओवादियों को मार गिराया था. यह ऑपरेशन तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा पर चल रहा एक बड़ा माओवाद विरोधी अभियान है, जिसमें 28,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी शामिल हैं. इस अभियान में अब तक 400 से ज्यादा IED, दो टन विस्फोटक सामग्री, और छह टन राशन जब्त किए गए हैं. कर्रेगुट्टा जंगल माओवादियों का गढ़ माना जाता है, जहां उनकी बटालियन नंबर 1 सक्रिय है. ऑपरेशन संकल्प ने माओवादियों को भारी नुकसान पहुंचाया है, लेकिन मुलुगु में ताजा हमला दिखाता है कि माओवादी अभी भी खतरा बने हुए हैं.

क्षेत्र में तनाव और पुलिस की कार्रवाई

लैंडमाइन विस्फोट के बाद मुलुगु और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल है. पुलिस और ग्रेहाउंड्स की टीमें जंगल में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं ताकि माओवादियों के ठिकानों का पता लगाया जा सके. सुरक्षा बलों ने इलाके में अतिरिक्त जवानों को तैनात किया है, और IED की तलाश तेज कर दी गई है. पुलिस को शक है कि माओवादी इस हमले को ऑपरेशन संकल्प के जवाब में अंजाम दे सकते हैं. तेलंगाना पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हमारी टीमें सतर्क हैं, और हम माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेंगे."

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