कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में बुधवार को उस वक्त हलचल मच गई, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चर्चित विधायक दिलीप मंडल को ओडिशा के पुरी से गिरफ्तार कर लिया गया. बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कई दिनों की तलाश और गुप्त निगरानी के बाद यह कार्रवाई की. बताया जा रहा है कि विधायक पिछले कई हफ्तों से फरार चल रहे थे और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे ताकि पुलिस की पकड़ से दूर रह सकें.
सूत्रों के अनुसार STF को जानकारी मिली थी कि दिलीप मंडल पुरी के एक होटल में छिपे हुए हैं. इसके बाद टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से वहां दबिश दी और उन्हें हिरासत में ले लिया. गिरफ्तारी के बाद विधायक को कड़ी सुरक्षा के बीच पूछताछ के लिए ले जाया गया. पुलिस अब उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल लाने की तैयारी कर रही है.
दिलीप मंडल पर राजनीतिक विरोधियों को धमकाने, इलाके में डर का माहौल बनाने और कई आपराधिक मामलों में शामिल होने के आरोप हैं. हाल के दिनों में उनके कुछ वीडियो और ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिनके बाद बीजेपी ने TMC पर तीखा हमला बोला था. बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया था कि सत्ता के संरक्षण में कानून व्यवस्था कमजोर हुई थी.
इससे पहले पुलिस ने मंडल के कई ठिकानों पर छापेमारी भी की थी, लेकिन हर बार वे गिरफ्त से बाहर रहे. जांच एजेंसियां अब उनके आर्थिक लेनदेन, संपत्तियों और करीबी सहयोगियों की भी जांच कर रही हैं. दिलीप मंडल की गिरफ्तारी को बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है.