कोलकाता : पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने संगठन में बड़े बदलाव का ऐलान करते हुए राज्यभर की विभिन्न पार्टी कमेटियों और फ्रंटल ऑर्गनाइजेशनों को भंग कर दिया है. पार्टी नेतृत्व का कहना है कि यह कदम संगठन को और अधिक मजबूत, सक्रिय और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से उठाया गया है.
TMC की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पार्टी अपने संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से तैयार करना चाहती है ताकि कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हो और संगठन जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी तरीके से काम कर सके. पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह फैसला संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया का हिस्सा है और जल्द ही नई कमेटियों का गठन किया जाएगा.
राजनीतिक गलियारों में इस कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हाल के दिनों में पार्टी के भीतर असंतोष और संभावित गुटबाजी की चर्चाएं तेज थीं. ऐसे समय में सभी कमेटियों को भंग करने का फैसला ममता बनर्जी के नेतृत्व की ओर से एक बड़े संगठनात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है.
पार्टी सूत्रों के अनुसार, नए ढांचे में सक्रिय और प्रदर्शन के आधार पर नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं. साथ ही युवाओं और जमीनी कार्यकर्ताओं को अधिक अवसर मिलने की संभावना भी जताई जा रही है.
विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 के विधानसभा चुनावों और भविष्य की राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए TMC संगठन को नए सिरे से खड़ा करना चाहती है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि पार्टी नई कमेटियों में किन चेहरों को जगह देती है और यह बदलाव संगठन पर कितना प्रभाव डालता है.