नई दिल्ली: ओडिशा में एक संयुक्त नक्सल विरोधी ऑपरेशन में 1.1 करोड़ रुपए के इनामी शीर्ष माओवादी कमांडर को मार गिराया गया. अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी. सरकार ने इसे प्रतिबंधित उग्रवादी समूह के लिए बड़ा झटका बताया है. सीपीआई (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्य और ओडिशा में संगठन के प्रमुख गणेश उइके को गंजम और कंधमाल जिलों की सीमा से लगे जंगल बेल्ट के रामपा वन क्षेत्र में मुठभेड़ में मार गिराया गया.
यह ऑपरेशन ओडिशा स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और सीमा सुरक्षा बल के साथ मिलकर किया. सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थल से चार माओवादियों के शव बरामद किए, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं. अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन की लगातार निगरानी ओडिशा पुलिस के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (ऑपरेशंस) अखिलेश्वर सिंह कर रहे थे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कंधमाल जंगलों में चल रहे ऑपरेशन में अब तक उइके सहित छह नक्सलियों को "निष्क्रिय" कर दिया गया है और इसे बड़ी सफलता बताया.
शाह ने एक्स पर पोस्ट लिखा, "ओडिशा के कंधमाल में एक बड़े ऑपरेशन में अब तक केंद्रीय समिति सदस्य गणेश उइके सहित 6 नक्सली निष्क्रिय किए जा चुके हैं. इस बड़ी सफलता के साथ ओडिशा नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होने की दहलीज पर खड़ा है. हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने के लिए संकल्पबद्ध हैं." पुलिस ने उइके को एक वरिष्ठ और युद्ध में पारंगत नेता बताया, जो एक दशक से अधिक समय से ओडिशा-छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र कॉरिडोर में सक्रिय था. वह सशस्त्र दस्ता ऑपरेशनों, भर्ती और घने जंगल क्षेत्रों में कैडरों की आवाजाही में शामिल था.
69 वर्षीय उइके कई उपनामों से जाना जाता था, जैसे पक्का हनुमंतु, राजेश तिवारी, चमरू और रूपा. वह तेलंगाना के नलगोंडा जिले के चेंदुर मंडल के पुल्लेमाला गांव का मूल निवासी था. सुरक्षा बलों ने कहा कि क्षेत्र में कोई बचा हुआ उग्रवादी न रहे, इसके लिए सर्च ऑपरेशन जारी है.