मैसूरू: एक दिल दहला देने वाली घटना में पश्चिम बंगाल की 30 वर्षीय आदिवासी महिला को निजी बस स्टैंड के पास से कार में जबरन घसीटकर उठा लिया गया. आरोपियों ने उसे घंटों तक क्रूरता से सामूहिक बलात्कार किया, लूटपाट की और फिर उसके घर के पास फेंक दिया. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. 19 जुलाई की रात की यह घटना टी नरसीपुरा इलाके में हुई.
महिला अपने दोस्त के जन्मदिन पर मैसूरू आई थी और वापस बस से लौट रही थी. बस स्टैंड के पास ग्रे रंग की कार सवार तीनों आरोपियों ने कन्नड़ में लिखे पते का बहाना बनाकर उसके पास पहुंचे. जब महिला ने बताया कि वह पढ़ नहीं सकती, तो कार के पिछले हिस्से से दो व्यक्ति उतरे और उसे जबरन कार में खींच लिया. आरोपियों ने उसे मूगुरु गांव के पास ले जाकर एक लॉज में घुसाया.
वहां तीनों ने बारी-बारी से उसके साथ बलात्कार किया. इसके बाद उन्होंने मौत की धमकी देकर ₹5,000 नकद और दो मोबाइल फोन लूट लिए. महिला ने चालाकी से बताया कि उसके घर पर एक लाख रुपए हैं, जिसके बाद आरोपियों ने उसे घर के पास छोड़ दिया. पीड़िता ने अपने मकान मालिक को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची. आरोपियों ने पुलिस वाहन देखकर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें धर दबोचा.
तीनों आरोपियों की पहचान किरण, किशोर और रयान के रूप में हुई है, जो टी नरसीपुरा के रहने वाले हैं. महिला को टी नरसीपुरा पुलिस स्टेशन ले जाया गया और फिर मैसूरू के केआर अस्पताल के इंटीग्रेटेड केयर सेंटर में मेडिकल जांच कराई गई. मामले में FIR दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच जारी है. यह घटना देर रात बस स्टैंड और निजी वाहनों से यात्रा करने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल खड़े कर रही है.