लखनऊ: राजधानी लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता ब्राह्मण टोला में सोमवार सुबह कार पार्किंग और पुराने चबूतरा निर्माण के विवाद ने भयानक रूप ले लिया. पड़ोसी परिवार के मर्चेंट नेवी से जुड़े ऋषभ शुक्ला ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी. घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई.
मृतकों में सचिवालय के रिटायर्ड कर्मचारी और RSS के पूर्व जिला सर कार्यवाह 62 वर्षीय शिवाजी तिवारी, उनके छोटे भाई 55 वर्षीय शंभू उर्फ शिवेंद्र तिवारी और कारोबारी बेटे 30 वर्षीय सुयश तिवारी शामिल हैं. शिवाजी और सुयश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल शंभू ने ट्रॉमा सेंटर में दम तोड़ दिया. सुयश की शादी 5 दिसंबर को तय थी.
दोनों परिवारों के बीच बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरा निर्माण को लेकर डेढ़ महीने पहले भी विवाद हो चुका था और थाने तक मामला पहुंचा था. सोमवार सुबह करीब 10 बजे सुयश ने चबूतरे के पास कार पार्क कर दी.
इसके बाद शंभू तिवारी और ऋषभ शुक्ला के बीच गाड़ी हटाने को लेकर तीखी बहस शुरू हुई. विवाद सुनकर शिवाजी भी बाहर आ गए. तैश में आकर ऋषभ ने पिस्टल निकाल ली और फायरिंग शुरू कर दी. गोलियों की आवाज सुनकर बाहर भागे सुयश पर भी करीब से गोली चलाई गई.
जांबाज सिपाही ने मौके पर दबोचा आरोपी
वारदात के बाद भाग रहे ऋषभ शुक्ला को सआदतगंज थाने के कांस्टेबल कार्तिक सिंह ने साहस दिखाते हुए पिस्टल सहित गिरफ्तार कर लिया. कार्तिक सिंह पहले भी ‘अनु अनवर हत्याकांड’ में शूटर को रंगे हाथों पकड़ चुके हैं और पुरस्कार पा चुके हैं.
पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की. फॉरेंसिक टीम ने सबूत जुटाए हैं. इलाके में 50-60 पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है. पुलिस का कहना है कि यह दोनों पड़ोसी परिवारों के बीच पार्किंग विवाद से शुरू हुई वारदात है.