अगरतला: त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ की अचानक और संदिग्ध मौत ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है. सोमवार को उन्हें अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में मृत अवस्था में पाया गया. इस घटना से पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है और मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है. प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार 1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अनुराग धनखड़ ने आत्महत्या कर ली हो सकती है, लेकिन पुलिस प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
उनका शव पोस्टमार्टम के लिए GBP अस्पताल भेज दिया गया है, जहां रिपोर्ट आने के बाद ही असली वजह सामने आएगी. अनुराग धनखड़ उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रहने वाले थे. उन्होंने मई 2025 में त्रिपुरा का DGP पद संभाला था और राज्य के पूर्व DGP अमिताभ रंजन का स्थान लिया था. इससे पहले वे त्रिपुरा में DGP (इंटेलिजेंस) के पद पर कार्यरत थे.
तीन दशक से अधिक के पुलिस सेवा अनुभव वाले धनखड़ ने CBI में SP, DIG, Joint Director और Additional Director जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम किया. उन्होंने CISF और BSF में भी उच्च पदों पर सेवाएं दीं. वर्ष 2003-04 में वे संयुक्त राष्ट्र के कोसोवो मिशन का हिस्सा रहे थे. इसके अलावा वे 1984 सिख विरोधी दंगों की जांच के लिए गठित SIT के अध्यक्ष भी रह चुके थे और PNB घोटाले में नीरव मोदी मामले की CBI जांच का नेतृत्व कर चुके थे.
शिक्षा के क्षेत्र में भी वे काफी योग्य थे. फूड टेक्नोलॉजी में पोस्टग्रेजुएट, रिस्क मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री, साइबर क्राइम में पीजी डिप्लोमा और Certified Fraud Examiner (CFE) की योग्यता प्राप्त थी. मुख्यमंत्री माणिक साहा घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी गई है. फिलहाल पूरे मामले पर सस्पेंस बना हुआ है. अधिक जानकारी मिलते ही अपडेट किया जाएगा.