नई दिल्ली/अयोध्या: अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावे की राशि के कथित गबन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश जारी किया है. मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने किसी सीनियर IPS अधिकारी की अगुवाई में Special Investigation Team (SIT) का पुनर्गठन करने का निर्देश दिया है.
आज सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला सुनाया. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच जारी है.
CJI सूर्यकांत ने सख्त लहजे में कहा, "अदालतें राजनीति की जगह नहीं हैं. यह एक साधारण अपराध का मामला है. हमें सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि जांच ठीक से हो." उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए. कोर्ट ने 27 जुलाई को अगली सुनवाई तय की है, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार को SIT गठन पर रिपोर्ट पेश करनी होगी.
राम मंदिर ट्रस्ट में आए चढ़ावे और दान की राशि के गबन की शिकायत पर यह केस दर्ज हुआ था. पहले SIT बनाई गई थी, लेकिन अब सीनियर IPS अधिकारी के नेतृत्व में नई टीम बनाकर पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी. यह फैसला राम भक्तों और पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि मंदिर से जुड़े पवित्र दान की शुचिता बनाए रखना जरूरी है.