नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन में बड़ा मोड़ आ गया है. लद्दाखी कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी लंबी भूख हड़ताल समाप्त कर दी. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के CJP प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद यह फैसला लिया गया, जिससे आंदोलनकारियों में नई उम्मीद जगी है.
CJP नेताओं ने बताया कि सरकार की ओर से बातचीत की सकारात्मक पहल के बाद वांगचुक ने हड़ताल खत्म करने का फैसला किया. यह मुलाकात NEET पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांगों पर केंद्रित रही. जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के "चलो संसद" मार्च के बीच यह विकास काफी महत्वपूर्ण है.
वांगचुक अस्पताल में भर्ती थे, जहां उनकी सेहत पर नजर रखी जा रही थी. उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो और अन्य नेताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील की थी. अभिजीत दिपके और CJP टीम की नड्डा से हुई चर्चा में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत अन्य मांगों पर विचार हुआ. हालांकि, अभी तक आधिकारिक घोषणा का इंतजार है.
यह आंदोलन युवाओं के बीच भारी समर्थन हासिल कर चुका है. कॉकरोच बनकर सिस्टम के खिलाफ लड़ रहे छात्रों ने कहा- "हमारी लड़ाई शिक्षा की शुचिता और जवाबदेही के लिए है. बातचीत सकारात्मक रही, लेकिन परिणाम देखेंगे." उधर CJP संसद मार्च जारी है. दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड पर है, लेकिन आंदोलन अब संवाद की राह पर दिख रहा है.