वाशिंगटन: मध्य पूर्व में तनाव अब चरम पर पहुंच गया है. अमेरिकी सेना ईरान की सैन्य सुविधाओं पर लगातार आठवीं रात भीषण बमबारी कर रही है. इस बीच खबर है कि 50,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक पूर्ण हाई अलर्ट मोड में हैं और तेहरान पर बड़े हमले की तैयारी चल रही है.
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इन सटीक हमलों में ईरान की एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज साइटों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है. यह कार्रवाई जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर हुए ईरान समर्थित हमले का जवाब है, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक शहीद हो गए थे. विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ शुरुआत है. अमेरिका अब पूर्ण पैमाने पर सैन्य अभियान की तैयारी में जुटा हुआ है.
द जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य पूर्व में तैनात 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों को किसी भी पल बड़े संघर्ष के लिए तैयार रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं. उन्हें अतिरिक्त हथियार, गोला-बारूद और लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराया जा रहा है. यह अलर्ट स्तर पिछले कई सालों का सबसे ऊंचा बताया जा रहा है.
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने दुनिया भर में अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी कर दी है. ईरान समर्थित समूहों से खतरा बताते हुए अनावश्यक यात्राएं टालने की सलाह दी गई है. इजरायल भी पूरी नजर रखे हुए है. अगर ईरान ने इजरायल पर हमला किया तो इजरायली वायुसेना तेहरान समेत ईरानी ठिकानों पर हमले कर सकती है.
जानकारों का कहना है कि ये कदम ट्रंप प्रशासन की मैक्सिमम प्रेशर नीति का हिस्सा हैं. मकसद है, ईरान की सैन्य क्षमता को कुचलना, उसके परमाणु कार्यक्रम को रोकना और इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित करना. हालांकि, स्थिति बेहद नाजुक है. कोई भी बड़ा कदम पूरे मध्य पूर्व को बड़े युद्ध की आग में झोंक सकता है.