वाशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध से ज्यादा परेशानी ट्रंप प्रशासन को उस युद्ध पर लग रहे ऑनलाइन सट्टों से हो रही है. वाइट हाउस अब अपने ही कर्मचारियों पर भरोसा नहीं कर पा रहा. अंदर की गोपनीय जानकारी लीक कर सट्टेबाजी से मोटी कमाई करने का आरोप लगते ही वाइट हाउस में हड़कंप मच गया है.
वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों को आशंका है कि वाइट हाउस के किसी कर्मचारी ने आंतरिक जानकारी का फायदा उठाकर सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स पर दांव लगाए. सबसे बड़ा सबूत अप्रैल का सीजफायर वाला मामला है. तीन अज्ञात लोगों ने सीजफायर होने का दांव लगाया था. जब 8 अप्रैल को डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान किया, तो उन तीनों ने करीब 6 लाख डॉलर की कमाई कर ली.
अमेरिकी अधिकारियों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि सट्टेबाजी वेबसाइट्स यूजर्स को गुमनाम खाते बनाने की सुविधा देती हैं, जिससे दांव लगाने वाले का पता लगाना लगभग असंभव हो जाता है. अब जब ईरान के साथ फिर से तनाव बढ़ा है और बड़े स्तर पर सट्टा खेला जा रहा है, तो वाइट हाउस ने अपने सभी कर्मचारियों की सघन जांच शुरू कर दी है.
जांच में ट्रंप के टेलीप्रॉम्प्टर ऑपरेटर गैब्रियल पेरेज पर शक हुआ. पेरेज पर आरोप है कि वे पहले भी सट्टेबाजी में संलिप्त रहे हैं और राष्ट्रपति के भाषणों तथा अंदरूनी जानकारी का फायदा उठाते रहे. मीडिया रिपोर्ट्स के बाद वाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलीन लेविट ने माना कि इसकी जानकारी प्रशासन को नहीं थी.
जांच में पेरेज पर लगभग 10 लाख डॉलर के सट्टे लगाने का भी पता चला. राष्ट्रपति ट्रंप इस पूरे मामले से बेहद नाराज हैं. जानकारी सामने आते ही गैब्रियल पेरेज को बिना वेतन अवकाश (unpaid leave) पर भेज दिया गया है. बता दें कि पेरेज 2016 से ट्रंप के साथ काम कर रहे थे. ट्रंप प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि वाइट हाउस की कोई भी गोपनीय जानकारी भविष्य में सट्टेबाजी के लिए लीक न हो.