नई दिल्ली: ब्रिटेन सरकार ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है, जिसमें 26 मासूम पर्यटकों की जान चली गई थी. इस हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है. ब्रिटेन ने भारत को इस हमले के दोषियों को सजा दिलाने के लिए "पूरा समर्थन" देने का वादा किया है. साथ ही, उसने दोनों देशों से शांति बनाए रखने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है.
यह मुद्दा ब्रिटेन की संसद में भी उठा, जहां ब्रिटिश सिख सांसद गुरिंदर सिंह जोसन ने मंगलवार को एक "तत्काल सवाल" उठाया. उन्होंने पूछा कि ब्रिटेन भारत को दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने में कैसे मदद कर रहा है. विदेश कार्यालय के मंत्री हैमिश फाल्कनर ने जवाब दिया कि पहलगाम में हुआ आतंकी हमला "भयानक" था. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन भारत का समर्थन करता है और दोषियों को सजा दिलाने में मदद करेगा. उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में तनाव के इस समय में सभी पक्षों और समुदाय के नेताओं को शांति बनाए रखने की अपील करनी चाहिए.
फाल्कनर ने ब्रिटेन में भारत-पाकिस्तान तनाव के असर पर भी चिंता जताई. उन्होंने बताया कि लंदन में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन हुए, जहां एक पाकिस्तानी अधिकारी ने कथित तौर पर भारतीय प्रदर्शनकारियों के खिलाफ "गला काटने" जैसा इशारा किया. इसके अलावा, उच्चायोग की खिड़कियां तोड़ी गईं. फाल्कनर ने कहा कि मेट्रोपॉलिटन पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वियना संधि के तहत ब्रिटेन भारत और पाकिस्तान के उच्चायोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा.
विपक्षी सांसद प्रीति पटेल ने पूछा कि क्या इस हमले में पाकिस्तान से जुड़े तत्व शामिल थे और ब्रिटेन में समुदायों के बीच तनाव रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं. फाल्कनर ने कहा कि ब्रिटेन तनाव को बढ़ने से रोकने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने भारत और पाकिस्तान को "दोस्त" बताते हुए कहा कि दोनों देशों को कश्मीर मुद्दे पर कश्मीरी लोगों की इच्छाओं को ध्यान में रखकर बातचीत से हल निकालना चाहिए. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ब्रिटेन इस मुद्दे पर कोई समाधान थोपना नहीं चाहता.
फाल्कनर ने ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय और पाकिस्तानी समुदायों को "मूल्यवान" बताया और कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक मतभेदों को भुलाकर एकजुट होने का समय है. उन्होंने समुदाय के नेताओं से अपील की कि वे ब्रिटेन की सड़कों पर भारत-पाकिस्तान तनाव को न बढ़ने दें. कुछ सांसदों ने बीबीसी द्वारा हमले को "उग्रवाद" कहने पर सवाल उठाया, जिस पर फाल्कनर ने कहा कि यह "आतंकी हमला" था और ब्रिटेन सरकार इसे ऐसा ही मानती है.