लखनऊ : यूपी में जीत की हैट्रिक लगाने के लिए बीजेपी ने इस बार स्पेशल 46 की लिस्ट बनाई है, और सबको अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है. यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने बकायदा इसका ऐलान भी कर दिया है, जो लिस्ट सामने आई है, उसमें से 5 नाम ऐसे हैं, जिनकी खूब चर्चा हो रही है. पहला नाम है, सपा से विधायक बनीं पूजा पाल का, जिन्हें बीजेपी ने अपनी टीम में शामिल कर यूपी का नया प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया है.
दूसरा नाम है बाराबंकी की कद्दावर नेता प्रियंका रावत का, जिन्हें महामंत्री पद से हटाकर अब प्रदेश उपाध्यक्ष की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. तीसरा नाम है राजनाथ सिंह के छोटे बेटे नीरज सिंह का, जिन्हें पार्टी के फर्स्ट एक्टिव मेंबर के तौर पर पार्टी में एंट्री मिली, यूपी बीजेपी के उपाध्यक्ष बने हैं, जबकि राजनाथ के बड़े बेटे पंकज सिंह पहले से विधायक हैं, और बीजेपी में महामंत्री हैं.
चौथा नाम है, अंकुर शर्मा का, जो गृहमंत्री अमित शाह के करीबी बताए जाते हैं, अब बीजेपी संगठन में उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली है. पांचवां नाम है, दिनेश प्रताप सिंह का, जो प्रतापगढ़ के रहने वाले हैं, इन्हें बीजेपी ने मुख्य प्रवक्ता बनाया है, इनका नाम जैसे ही लिस्ट में आया रायबरेली वाले दिनेश प्रताप सिंह की चर्चा होने लगी, पर बाद में पता चला ये प्रतापगढ़ के रहने वाले हैं.
इस लिस्ट में कुल 46 पदाधिकारियों के नाम हैं, जिनका काम चुनावी दौर में संगठन को और मजबूत करना होगा. इसके लिए कार्यालय मंत्री से लेकर तमाम बड़े पदों पर नियुक्तियां हुई हैं, यहां तक कि क्षेत्रवार भी नेताओं को जिम्मेदारियां मिली हैं, जिस गोरखपुर से योगी आदित्यनाथ आते हैं, वहां के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय बनाए गए हैं.
खास बात ये है कि इस पूरे फेरबदल में जातिगत समीकरणों और सोशल इंजीनियरिंग का खास ख्याल रखा गया है. शीर्ष नेतृत्व ने पूर्व में संगठन संभाल रहे संजय राय पर दोबारा बड़ा भरोसा जताते हुए उन्हें फिर से प्रदेश महामंत्री के पद की जिम्मेदारी सौंपी है. उनके साथ ही धाकड़ विधायक राजेश चौधरी को भी नया प्रदेश महामंत्री नियुक्त कर सांगठनिक काम सौंपा गया है.
अगऱ आप इस लिस्ट को ध्यान से देखें तो सभी 6 क्षेत्रीय अध्यक्ष बीजेपी ने बदल दिए हैं, काशी से गोरखपुर तक, अवध से ब्रज तक नई नियुक्ति हुई है. 19 प्रदेश उपाध्यक्ष, 19 प्रदेश मंत्री और 8 प्रदेश महामंत्री को मिलाकर कुल 46 लोगों की स्पेशल टीम बनी है. मनीष दीक्षित और हिमांशु राज पंडित को सोशल मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी मिली है, जिनकी भूमिका बड़ी होगी.
आने वाले दिनों में जब गृहमंत्री अमित शाह यूपी का दौरा करेंगे, तो एक मीटिंग भी बड़े पदाधिकारियों के साथ हो सकती हैं, ताकि चुनावी मोड पूरी तरह से ऑन हो सके. पीडीए का काट निकल सके. चर्चा यहां तक कि इस बार उन्हीं उम्मीदवारों को टिकट मिलेगा, जिनका प्रोफाइल शानदार होगा, जिनकी जीत की गारंटी होगी.