लखनऊ: उत्तर प्रदेश में जब योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी तो सबसे बड़ी चुनौती थी प्रदेश की कानून व्यवस्था, उत्तर प्रदेश के बेलगाम होते अपराधी, महिलाओं के साथ होने वाली बदसलूकी, दिन छिपने के बाद सड़क पर निकलने वाले लोगों की सुरक्षा की चिंता. ऐसी तमाम चीजें थीं जो कानून व्यवस्था से जुड़ी हुई थीं और नई सरकार के लिए चिंता की लकीरें खिंची हुई थीं. 2017 में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बनते हैं. और वो एक ऐसा फैसला लेते हैं जिसने पूरे प्रदेश की तकदीर और तस्वीर को बदल कर रख दिया.
सीएम योगी ने दी थी पुलिस को छूट
नए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी की पुलिस को अब तक की सबसे बड़ी छूट देते हैं, वो अपने बयानों में सीधे चेतावनी देते हैं कि अपराधी या तो यूपी छोड़ दें या सरेंडर कर दें, अगर प्रदेश के अंदर कानून तोड़ा तो कानून अपराधियों को तोड़ कर रख देगा. ये बातें सिर्फ लोगों का मन बहलाने के लिए नहीं थीं, बल्कि इसी ऐलान के हिसाब से काम भी होता है, यूपी पुलिस लगातार एक्शन में जुट जाती है. 2017 से लेकर 2022 तक अपराध मुक्त यूपी बनाने का जो काम चला उसी के दम पर योगी आदित्यनाथ एक बार फिर प्रदेश के मुखिया बनते हैं, और 4 दशक बाद कोई पार्टी लगातार दो बार अपनी सरकार बनाती है. लेकिन अब विपक्ष ने पुलिस पर तानाशाही का आरोप लगाना शुरू कर दिया था, अखिलेश यादव अपने कई बयानों में कहते हैं कि यूपी पुलिस प्रदेश में गुंडागर्दी कर रही है, पुलिस को हद से ज्यादा छूट दी गई है, जिससे जनता परेशान है. यही जानने के लिए जब हम ग्राउंड पर पहुंचे तो हकीकत कुछ और नजर आती है.
पुलिस पर क्या कहती है यूपी की जनता?
कभी यूपी के अपराधियों का गढ़ कहा जाने वाला पश्चिम अब कैसा है ये हमने ग्राउंड पर जाकर पता किया. जब मुरादाबाद मंडल में लोगों से मिलकर ये बात पूछी कि कानून व्यवस्था कैसी है तो ज्यादातर लोग तुरंत बोलते हैं कि कानून का राज है, इसलिए अपराधी किसी को परेशान नहीं कर सकते, आज बेटियां सड़क पर देर रात भी सुरक्षित घूमती हैं, व्यापारी अपना काम बिना किसी डर के कर रहे हैं, इसकी वजह भी इतनी सख्त कानून व्यवस्था है. तो वहीं कुछ लोग ऐसे भी मिले जिन्होंने कुछ पुलिसकर्मियों पर सवाल उठाए, उनका मानना था कि ज्यादातर पुलिसकर्मी ठीक हैं लेकिन अब भी कुछ ऐसे हैं जो कानून का फायदा उठाकर लोगों को परेशान करते हैं. हालांकि योगी आदित्यनाथ को जब ऐसे पुलिसकर्मियों की जानकारी मिलती है तो वो उन्हें माफ नहीं करते. जनता का ये भी मानना है. लेकिन इस बार भी ये बात साफ समझ आती है कि यूपी चुनाव में कानून व्यवस्था इस बार भी बड़ा रोल अदा करने वाली है.त