लखनऊ: उत्तर प्रदेश के नोएडा में तैनात एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पर महिला अधिकारियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. सूत्रों के अनुसार, इन महिला अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखकर अपर आयुक्त के पद पर कार्यरत इस अधिकारी के खिलाफ शोषण, उत्पीड़न, और अमानवीय व्यवहार की शिकायत की है. इस मामले में जांच के आदेश जारी किए गए हैं.
महिला अधिकारियों ने अपने पत्र में दावा किया है कि पिछले चार महीनों से उनके साथ "गुलामों जैसा" व्यवहार किया जा रहा है. आरोपों में कहा गया है कि आईएएस अधिकारी अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं, असहमति जताने पर नौकरी से निकालने की धमकी देते हैं, और यहां तक कि "हाथ में कटोरा देकर नौकरी से निकालने" की बात कहते हैं. पत्र में यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप भी शामिल हैं.
महिला अधिकारियों ने आरोप लगाया कि अधिकारी उन्हें अपने कार्यालय में बुलाकर घंटों खड़ा कर घूरते हैं, देर रात तक फोन और वीडियो कॉल करते हैं, और चुपके से उनकी वीडियो बनाते हैं. विरोध करने पर निलंबन या कार्य में लापरवाही जैसे झूठे आरोप लगाकर उन्हें फंसाने की धमकी दी जाती है. महिला अधिकारियों ने अपने पत्र में लिखा, "भारी मन से यह शिकायत दर्ज करनी पड़ रही है.
एक ओर सरकार 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' और महिला सशक्तिकरण जैसे अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर एक वरिष्ठ अधिकारी महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है." सूत्रों के अनुसार, यह शिकायत 5 अगस्त 2025 को शासन को प्राप्त हुई थी. महिला अधिकारियों ने मांग की है कि इस मामले की गोपनीय जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या राज्य महिला आयोग द्वारा कराई जाए, ताकि शोषण, उत्पीड़न, और भ्रष्टाचार के आरोपों की सत्यता का पता चल सके.
प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू करने और उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. यह घटना न केवल प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही के सवाल उठाती है, बल्कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर भी गंभीर चर्चा को जन्म दे रही है.