नई दिल्ली: गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी योगेश कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. यह वारदात उनके पड़ोसी अरविंद और उसके बहनोई, उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात कांस्टेबल नवीन ने मिलकर अंजाम दी थी. दोनों ने योगेश को दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था. घटना के बाद आरोपी फरार हो गए थे, लेकिन अब पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है.
मुख्य आरोपी अरविंद बुलंदशहर का रहने वाला है. उसने कबूल किया कि बचपन में अपने पिता के साथ मिलकर परिवार के कई सदस्यों की हत्या की थी, जिसके चलते उसके पिता को उम्रकैद की सजा हुई. इसके बाद वह लोनी में रहने लगा. योगेश रिटायरमेंट के बाद घर लौटे थे और उनका व्यवहार पड़ोसियों व परिवार से काफी खराब था. वह घर बेचना चाहते थे और बेटों से जगह खाली करने को कहते थे. उनकी पत्नी अक्सर पड़ोसियों से शिकायत करती थी कि योगेश सभी को तंग करते हैं.
अरविंद ने यह भी बताया कि योगेश आवारा कुत्तों को परेशान करते थे, जबकि वह उन्हें खाना खिलाता था. इन सब वजहों से परेशान होकर योगेश के दोनों बेटों ने पिता की हत्या की साजिश रची और अरविंद को पांच लाख रुपये की सुपारी दी. अरविंद ने अपने बहनोई नवीन की मदद ली, जो पुलिस में है, और दोनों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया.
पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया है और हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया है. सहायक पुलिस आयुक्त सिद्धार्थ गौतम ने कहा कि मामले की गहन जांच चल रही है. सभी सबूत वैज्ञानिक तरीके से इकट्ठा किए जा रहे हैं ताकि अदालत में आरोपियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके. एक पुलिसकर्मी का इस अपराध में शामिल होना बेहद दुखद है.