लखनऊ: जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नाम से हुड़दंग मचा तो वो तस्वीरें पूरी दुनिया ने देखीं। सबने देखा कि कैसे देश की राजधानी को अराजकता का मैदान बना दिया। और इसी मैदान से सीजेपी के एक नेता आसुतोष रांका ने वो गलती कर दी जिसे कोई भी करना नहीं चाहता। ज्यादा जोश में आकर इन लोगों ने सीएम योगी को एक चेतवानी दे डाली, जिसमें कहा गया
"उत्तर प्रदेश में भी पेपर लीक हो रहे हैं, वहां के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस पर रोक लगानी चाहिए, अगर वो ऐसा करने में कामयाब नहीं होते तो हम वहां आएंगे, जब CJP के लोग उत्तर प्रदेश में पहुंचेंगे तो वहां जंतर-मंतर से भी ज्यादा भीड़ होगी, वहां दिल्ली से भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा. अगर मुख्यमंत्री यह वीडियो देख रहे हैं, तो उन्हें इस पर गंभीरता से चिंता करनी चाहिए।"
आशुतोष रांका का यही वो बयान था जिसे सीएम योगी आदित्यनाथ गंभीरता से ले लेते हैं, यूपी पुलिस के बड़े अधिकारियों के साथ इस बात पर चर्चा की जाती है कि अगर यूपी में ऐसे कुछ होता है तो क्या किया जाएगा। इसी चर्चा में ये बात सामने आती है कि इस तरह की भीड़ से निपटने के लिए पुलिस को थोड़ा और अपग्रेड करना होगा। और इसी लिए करीब 30 करोड़ का बजट पास किया जाता है। जिसमें 30 हजार पीवीसी डंडे, हेलमेट और पीवीसी शील्ड खरीदने का आदेश दिया जा चुका है, जिसमें गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, 500 रुपये प्रति नग की दर से 30 हजार पीवीसी डंडे, 2,600 रुपये प्रति नग की दर से 30 हजार हेलमेट और चार हजार रुपये प्रति नग की दर से 30 हजार पीवीसी शील्ड खरीदी जाएंगी। हिंसक घटनाओं के दौरान पुलिसकर्मियों को चोटों से बचाने के लिए 1,500 बैलिस्टिक शील्ड भी खरीदी जाएंगी। सरकार ने इसकी कीमत 49,500 रुपये प्रति नग निर्धारित की है। वहीं, भीड़ को नियंत्रित करने और आवश्यक निर्देश एवं चेतावनी देने के लिए 1,500 लाउड हेलर भी खरीदे जाएंगे। प्रत्येक लाउड हेलर की कीमत 5,000 रुपये होगी।
इस खरीद को इसलिए भी काफी महत्व दिया जा रहा है, क्योंकि दिल्ली में पैलेट गन के इस्तेमाल पर घमासान मचा हुआ है, ऐसे में योगी सरकार किसी भी प्रदर्शन के दौरान इस तरह के विवाद में फंसना नहीं चाहती है. तो वहीं इस खरीद के बाद एक संदेश सोशल मीडिया पर भी सर्कुलेट हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कुछ लोग यूपी में माहौल खराब करने की तैयारी में हैं, और उन्हीं लोगों को सबक सिखाने के लिए योगी सरकार ने इस खरीद को हरी झंडी दिखाई है। जबकि अपने कई बयानों में खुद सीएम योगी भी साफ शब्दों में कह चुके हैं, कि अगर किसी ने भी युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया, उन्हें भड़का कर रास्ते से भटकाया तो उसकी खैर नहीं है, ऐसा करने वालों को उसी भाषा में सबक सिखाया जाएगा।