पटना: बिहार की राजधानी पटना मंगलवार को छात्र आंदोलन की आग में जल उठी. अलग-अलग छात्र संगठनों के अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर लोकभवन मार्च का ऐलान किया था. बातचीत विफल होने के बाद हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए. डाकबंगला चौराहे पर छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया और वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया.
छात्रों की मुख्य मांग टीआरई-4 परीक्षा में निगेटिव मार्किंग हटाने, एकल परीक्षा कराने और ‘एक अभ्यर्थी-एक परिणाम’ की व्यवस्था लागू करने की है. सोमवार को शिक्षा सचिव, डीएम और एसएसपी के साथ लंबी वार्ता हुई, लेकिन मुख्य मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई. इसके बाद छात्रों ने तय कार्यक्रम के अनुसार सड़क पर उतरने का फैसला किया.
क्या-क्या हुआ?
डीएम, एसएसपी, सिटी एसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. शहर में करीब 1200 पुलिसकर्मी, सीआरपीएफ और बज्र वाहन तैनात किए गए. भाकपा माले ने लाठीचार्ज को शर्मनाक बताते हुए सरकार से मांगें मानने की अपील की है. छात्र सीएम हाउस तक पहुंचने पर अड़े हुए हैं. स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.