पटना: बिहार विधानसभा चुनाव-2025 में मिली करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस ने अपनी हार की समीक्षा करने के लिए गुरुवार को दिल्ली में बैठक बुलाई थी. लेकिन बैठक शुरू होने से पहले ही पार्टी के अंदर ऐसा तूफान खड़ा हो गया कि नेता आपस में भिड़ गए. गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और गोली मारने की खुली धमकी तक दी गई. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह सारा तमाशा उस समय हुआ जब राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे अभी हॉल में पहुंचे भी नहीं थे.
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठक स्थल पर नेता राहुल गांधी और खरगे का इंतजार कर रहे थे. तभी वैशाली से चुनाव लड़ चुके पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी इंजीनियर संजीव सिंह अचानक हॉल में घुसे और टिकट बंटवारे में धांधली व कुछ सीटों पर जानबूझकर कमजोर उम्मीदवार उतारने (फ्रेंडली फाइट) के गंभीर आरोप लगाने लगे. उन्होंने सीधे-सीधे कई वरिष्ठ नेताओं को निशाने पर लिया.
इस पर पूर्णिया से चुनाव हारे कांग्रेस प्रत्याशी जितेंद्र कुमार समेत कुछ अन्य नेताओं ने उन्हें टोका. बस फिर क्या था, बात इतनी बढ़ गई कि संजीव सिंह ने गुस्से में आकर धमकी दे डाली कि “गोली मार दूंगा” और भद्दी-भद्दी गालियां भी दीं. मौके पर मौजूद अन्य नेताओं ने किसी तरह बीच-बचाव किया और मामले को शांत कराया.
कांग्रेस की यह बैठक मूल रूप से बिहार में पार्टी के घटते जनाधार और सिर्फ 61 में से महज 6 सीटें जीतने के कारणों पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी, लेकिन बैठक शुरू होने से पहले ही नेताओं का आपसी कलह पूरी तरह सामने आ गया. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि टिकट वितरण में पक्षपात और कुछ सीटों पर जानबूझकर हार सुनिश्चित करने जैसे आरोप पहले से चल रहे थे, जो इस बैठक में फूटकर बाहर आ गए. फिलहाल पार्टी ने इस पूरे वाकये को दबाने की कोशिश की है, लेकिन अंदरूनी गुटबाजी और नेताओं के बीच गहरी खाई एक बार फिर सबके सामने आ गई है.