नई दिल्ली: 5 लाख 80 हजार छात्रों ने यूपीएससी 2024 की परीक्षा दी, यूपी के प्रयागराज की रहने वाली शक्ति दूबे ने ऑल इंडिया में नंबर 1 स्थान हासिल किया है, इन्होंने पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल रिलेशन विषय को चुना था, दूसरे नंबर पर आती हैं, हर्षिता गोयल, हर्षिता हरियाणा की बेटी हैं, इससे पहले ये CA भी रह चुकी हैं, नंबर 3 पर हैं अर्चित पराग डोंगरे, अर्चित ने बेल्लोर से बीटेक की डिग्री ली है, यूपीएसएसी परीक्षा 2024 में कुल 5 लाख 80 हजार छात्र बैठे थे, जिसमें से 1009 छात्रों को मेरिट लिस्ट में जगह मिली है, इस लिस्ट में यूपी ने इस बार बाजी मारी है, छठवें नंबर पर सहारनपुर की कोमल पूनिया भी हैं, जिन्होंने हाईस्कूल की परीक्षा 97 फीसदी अंकों के साथ पास की थी.
इसके अलावा कन्नौज के मयंक त्रिपाठी दसवें रैंक पर हैं, इन्होंने ये सफलता दूसरी बार में हासिल की है. इसके पहले वो डीएसपी के लिए चयनित हुए थे, लेकिन इनका सपना IAS बनना था, इसलिए वर्दी पहनने की बजाय दोबारा तैयारी में जुट गए और सफलता हासिल कर ली. मिर्जापुर की एसडीएम पद पर तैनात सौम्या मिश्रा ने इस परीक्षा में बाजी मारी है, और इन्हें 18वां रैंक मिला है, जबकि मिर्जापुर में ही तैनात एसडीएम हेमंत मिश्रा ने ही 13वीं रैंक हासिल की है, बिजनौर में बतौर DPRO तैनात दमनप्रीत अरोड़ा को 103वीं रैंक मिली है. प्रयागराज के प्रतीक मिश्रा को 234वां रैंक मिला है.
विशाल पांडे नाम के यूजर सोशल मीडिया पर लिखते हैं, टॉपर का नाम शक्ति दूबे है, ब्राह्मण की बेटी है, आरक्षण जैसी तमाम जातिगत बेड़ियों से जकड़ने के बाद भी योग्यता अपना लोहा मनवा देती है. आदित्य पांडेय लिखते हैं, पानी नहीं पीने दिया गया रोने वालों, यूपीएसएसी में शक्तिदूबे ने टॉप कर दिया. दीपक जोशी लिखते हैं तुम पत्थर मारो, हम उन पत्थरों से सीढ़ी बनाकर आसमान चुमेंगे, यही ब्राह्मण होना है. शुभम शुक्ला लिखते हैं शक्ति दूबे ने टॉप किया है, अनुराग कश्यप को ये ख़बर कोई व्हाट्सऐप कर देना, आज फिर उन्हें एक और ज़ख्म मिल गया है. रिस्की यादव भी लिखते हैं 1009 लोगों में जातिवार आंकड़े कुछ ऐसे हैं राजपूत सही आंकड़े नहीं मिल पा रहा है, लेकिन ब्राह्मणों से सीखने की जरूरत है. सोशल मीडिया पर ये भी मसला चल रहा है कि टॉप 20 में कोई मुस्लिम नहीं है, इधर शक्तिदूबे की प्रोफाइल खोजी जा रही है.
हालांकि यूपीएसएसी के नियमों को देखें तो आम तौर IAS की कुर्सी उन्हीं कैंडिडेट को मिलती है, जो 70-90 के बीच रैंक लाते हैं, ये नियम जनरल कैटेगरी वालों के लिए है, लेकिन अगर आप ओबीसी कैटेगरी से आते हैं और 200-300 के बीच रैंक है तो आप IAS बन सकते हैं, इसके अलावा IFS यानि विदेश सेवा, IPS यानि पुलिस सेवा और IRS यानि राजस्व सेवा में भी अधिकारी इसी परीक्षा के माध्यम से बनते हैं, हर साल लाखों स्टूडेंट परीक्षा देते हैं, लेकिन प्री एग्जाम जो कि ऑप्शनल होता है, उसमें ही ज्यादातर उम्मीदवार बाहर हो जाते हैं, फिर मेंस जिसमें आपको लिखकर सवालों का जवाब देना होता है, जिससे आपके विजन औऱ लिखने के कौशल को परखा जाता है, उसमें से कई उम्मीदवार बाहर होते हैं, आखिर में जो इंटरव्यू तक पहुंचते हैं, उन्हें पूरी तरह से जांच-परख कर नंबर दिया जाता है, और फिर फाइनल रिजल्ट घोषित किया है, पास होने वाले उम्मीदवारों को बधाई तो बनती है, साथ ही जिन्हें सफलता नहीं मिली उन्हें निराश होने की बजाय अगली बार और मेहनत करने की सीख लेनी चाहिए.