अमेरिका-भारत संबंधों को 21वीं सदी की निर्णायक रणनीतिक साझेदारी बनाने का संकल्प: राजदूत सर्जियो गोर

Sandeep Kumar Sharma 27 Mar 2026 03:02: PM 2 Mins
अमेरिका-भारत संबंधों को 21वीं सदी की निर्णायक रणनीतिक साझेदारी बनाने का संकल्प: राजदूत सर्जियो गोर

नई दिल्ली: अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच संबंधों को 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारी में बदलने का लक्ष्य है, जो दोनों देशों के लिए ठोस और परिणामोन्मुख लाभ सुनिश्चित करेंगे.

राजदूत गोर, जो भारत में अमेरिका के 27वें राजदूत हैं, ने स्पैन पत्रिका को दिए एक विशेष साक्षात्कार में भारत के लोगों की गर्मजोशी, दोनों देशों के नेतृत्व के बीच व्यक्तिगत मित्रता और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि लगभग 15 साल पहले परिवार के साथ की गई पहली भारत यात्रा अभी भी उनके मन में ताज़ा है. भारत की संस्कृति, इतिहास, विविधता और लोगों की दयालुता ने उन पर गहरी छाप छोड़ी. उन्होंने जोर दिया कि भारतीय लोगों की मित्रता आज भी उतनी ही सच्ची और गर्मजोशी भरी है.

राजदूत गोर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सच्ची मित्रता का जिक्र करते हुए कहा कि यह व्यक्तिगत संबंध दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूत बनाता है. उन्होंने ट्रंप प्रशासन में अपनी भूमिका का उल्लेख करते हुए बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप का परिणामोन्मुख और तेज़ निर्णय लेने वाला तरीका उनके काम करने के अंदाज़ को प्रभावित करता है. उन्होंने कहा कि हर सुबह दूतावास में मेरा एक ही लक्ष्य होता है, अमेरिकी लोगों के लिए ठोस परिणाम लाना और भारत के साथ संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाना.

प्रमुख सहयोग क्षेत्र को लेकर ये कहा...

राजदूत गोर ने रक्षा और सुरक्षा को दोनों देशों के बीच सबसे रणनीतिक सहयोग क्षेत्र बताया. उन्होंने 10 वर्षीय नये रक्षा फ्रेमवर्क, बढ़ते रक्षा औद्योगिक सहयोग, संयुक्त सैन्य अभ्यासों (जैसे मलाबार, टाइगर ट्रायम्फ और कोप इंडिया) तथा क्वाड के माध्यम से अंतरसंचालन को और मजबूत करने पर जोर दिया.

उन्होंने कहा कि यदि इन प्रयासों को निरंतरता मिलती रही तो रक्षा संबंध स्वाभाविक रूप से और गहरे होते जाएंगे. आर्थिक क्षेत्र में उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार विस्तार, ऊर्जा, विमानन, उन्नत विनिर्माण और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में अमेरिकी विशेषज्ञता और भारतीय जरूरतों के बीच पूर्ण तालमेल की बात कही. उन्होंने कहा कि यह जीत-जीत की स्थिति है.

अतिमहत्वपूर्ण खनिज और आपूर्ति पर जोर

अतिमहत्वपूर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर और दवाओं की मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण पर राजदूत गोर ने विशेष जोर दिया. उन्होंने हाल ही में भारत द्वारा ‘पैक्स सिलिका’ घोषणा पर हस्ताक्षर करने का स्वागत किया, जो अतिमहत्वपूर्ण खनिज प्रसंस्करण और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग को बढ़ावा देगा. उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर आपूर्ति श्रृंखलाओं को किसी एक देश पर निर्भर होने से मुक्त रखना चाहते हैं, जिससे जोखिम काफी कम हो जाएगा.

एआई, क्षेत्रीय स्थिरता और भविष्य पर नजर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर चर्चा करते हुए राजदूत गोर ने एआई इम्पैक्ट समिट का जिक्र किया और कहा कि अमेरिका-भारत के बीच खुला संवाद जरूरी है. उन्होंने वैश्विक स्तर पर किसी एक बोर्ड द्वारा एआई गवर्नेंस की बजाय दोनों देशों के बीच व्यावहारिक और लाभकारी सहयोग पर बल दिया. दक्षिण और मध्य एशिया में अमेरिका की भूमिका के बारे में उन्होंने आर्थिक विकास, निवेश, आतंकवाद विरोध और स्थिरता को बढ़ावा देने की बात की.

अपने कार्यकाल को लेकर राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि मैं अमेरिका-भारत संबंधों को ऐसी निर्णायक रणनीतिक साझेदारी में बदलना चाहता हूं जिसके सकारात्मक परिणाम आम नागरिकों तक पहुंचें, चाहे वह भारतीय बाजारों में अमेरिकी कृषि उत्पादों की अधिक बिक्री हो, ऊर्जा और चिकित्सा क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान हो, या इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दोनों देशों की सेनाओं का निर्बाध सहयोग. उन्होंने जोर दिया कि दोनों देश साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, पारस्परिक समृद्धि और सुरक्षा हितों पर आधारित इस साझेदारी के जरिए आने वाली पीढ़ियों के लिए वैश्विक व्यवस्था को आकार दे सकते हैं.

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