वाराणसी : उत्तर प्रदेश के वाराणसी के राजघाट स्थित भदऊ चुंगी इलाके में रेलवे द्वारा देर रात चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा और प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है. कई लोगों का कहना है कि जिस मस्जिद में उन्होंने शाम को नमाज अदा की थी, सुबह वहां पहुंचने पर पूरा ढांचा हट चुका था. कुछ स्थानीय लोगों ने भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब वे इबादत के लिए कहां जाएं, क्योंकि मस्जिद का अस्तित्व ही समाप्त हो गया है.
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई काशी रेलवे स्टेशन के विस्तार और आधुनिकीकरण परियोजना के तहत की गई. रेलवे प्रशासन का दावा है कि संबंधित भूमि रेलवे की संपत्ति है और उस पर अवैध रूप से निर्माण कर कब्जा किया गया था. इसी आधार पर विधिक प्रक्रिया के तहत अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया.
सूत्रों के मुताबिक, स्टेशन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, यार्ड रीमॉडलिंग और भविष्य की विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए इस जमीन को खाली कराना आवश्यक माना गया था. इसी उद्देश्य से आधी रात के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर निर्माण को हटाया गया. कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल और पीएसी के जवान तैनात रहे. पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके.
हालांकि, इस संवेदनशील कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों के बीच कई सवाल भी उठ रहे हैं. विशेष रूप से नोटिस, सुनवाई और आधिकारिक प्रक्रिया को लेकर चर्चाएं जारी हैं. प्रशासन की ओर से अब तक विस्तृत सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है. वहीं, रेलवे अधिकारियों का कहना है कि विकास कार्यों में बाधा बनने वाले अतिक्रमणों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा.