कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी पर संकट के बादल और घने हो गए हैं. शुक्रवार को ममता बनर्जी के कोलकाता स्थित घर पर बुलाई गई महत्वपूर्ण विधायकों-सांसदों की बैठक में महज 8 विधायक और 6 सांसद ही पहुंचे. पिछली बैठक में भी सिर्फ 20 विधायक ही पहुंचे थे, लेकिन इस बार संख्या और कम हो गई है. TMC के कुल 80 विधायकों में से 58 ने पहले ही बगावत कर नया नेता विपक्ष चुन लिया है.
बैठक में कौन-कौन पहुंचे?
सूत्रों के मुताबिक, TMC के 29 लोकसभा सांसदों में से 23 बागी विधायकों के संपर्क में हैं. दलबदल विरोधी कानून के तहत दो-तिहाई बहुमत (22) का आंकड़ा पूरा होने की स्थिति बन रही है. अगर सांसदों में टूट हुई तो ममता के लिए यह और बड़ा झटका होगा. TMC अब अपने 28 साल के इतिहास में सबसे गंभीर संकट का सामना कर रही है.
ममता बनर्जी व्यक्तिगत रूप से बागी विधायकों को मनाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन असंतोष मुख्य रूप से उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व शैली को लेकर है. पार्टी के वरिष्ठ नेता सुदीप बंद्योपाध्याय और सुखेंदु शेखर रॉय ने भी चिंता जताई है कि यह असंतोष संसद तक पहुंच सकता है. यह घटनाक्रम TMC में चल रहे आंतरिक कलह को साफ तौर पर उजागर कर रहा है, जहां ममता बनर्जी अब न सिर्फ सत्ता बल्कि अपनी पार्टी पर पकड़ भी खोती नजर आ रही हैं.