नई दिल्ली: भारत को ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी खुशखबरी मिली है. अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के पास प्राकृतिक गैस के नए बड़े भंडार की खोज हुई है. केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने खुद इसकी जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया है.
मंत्री के अनुसार, ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने अंडमान अपतटीय बेसिन में श्री विजयपुरम-3 कुएं में गैस की खोज की है. यह स्थान अंडमान से करीब 15 किलोमीटर दूर है और पानी की गहराई लगभग 1900 मीटर है. शुरुआती टेस्टिंग में गैस के लगातार जलने (flaring) से इसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई है. गैस के नमूनों को लैबोरेटरी जांच के लिए भेज दिया गया है.
यह खोज क्यों महत्वपूर्ण है?
यह श्री विजयपुरम-2 कुएं के बाद अंडमान बेसिन में दूसरी सफल खोज है (2025 में हुई पहली खोज में गैस में 87% मीथेन पाया गया था). लगातार दो सफलताओं से पुष्टि हो गई है कि पूरा बेसिन हाइड्रोकार्बन (तेल-गैस) से भरपूर है. यह क्षेत्र भूवैज्ञानिक रूप से म्यांमार-इंडोनेशिया बेल्ट का हिस्सा है, जहां पहले से ही बड़े गैस भंडार मिल चुके हैं.
समुद्र मंथन अभियान का असर
सरकार के समुद्र मंथन अभियान के तहत अंडमान-निकोबार क्षेत्र को खास तौर पर टारगेट किया गया है. पश्चिम एशिया में ऊर्जा संकट के बीच भारत स्वदेशी ऊर्जा स्रोत बढ़ाने पर जोर दे रहा है. इस खोज से देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता (Atmanirbhar Bharat) की दिशा में मजबूत कदम बढ़ने की उम्मीद है.
हरदीप सिंह पुरी ने इस खोज को भारत की ऊर्जा कहानी में नया अध्याय बताया है. हालांकि, भंडार की सटीक मात्रा और व्यावसायिक व्यवहार्यता की पुष्टि के लिए और जांच की जरूरत है. यह खोज न सिर्फ भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि आर्थिक विकास और आयात पर निर्भरता कम करने में भी अहम भूमिका निभा सकती है.