नई दिल्ली: जोधपुर आश्रम में नाबालिग से रेप के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम बापू को मिली मेडिकल जमानत अब उनके लिए मुसीबत बन गई है. रेप की पीड़िता ने गुस्से में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर उनकी जमानत फौरन रद्द करने की गुहार लगाई है.
पीड़िता का कहना है कि 86 साल के आसाराम “गंभीर रूप से बीमार” होने का नाटक कर रहे हैं, जबकि जमानत मिलते ही वे पूरे देश में घूम-घूम कर सभाएं कर रहे हैं. उन्होंने कोर्ट को बताया कि जमानत के बाद आसाराम अहमदाबाद, जोधपुर, इंदौर, ऋषिकेश, पुणे और महाराष्ट्र के कई शहरों में जा चुके हैं, लेकिन कहीं भी लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती नहीं हुए. ज्यादातर समय वे सिर्फ आयुर्वेदिक कैंपों में दिखाई दे रहे हैं.
पीड़िता के वकील अल्जो के. जोसेफ ने सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा, अगस्त 2025 में बने मेडिकल बोर्ड ने साफ लिखा था कि आसाराम की हालत स्थिर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की कोई जरूरत नहीं. इसके बावजूद राजस्थान हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर को 6 महीने की अंतरिम जमानत दे दी. गुजरात हाईकोर्ट ने भी उसी आधार पर नवंबर में जमानत बढ़ा दी.
वकील ने दलील दी कि यह जमानत जेल से बाहर रहने का सिर्फ बहाना है, इलाज का नहीं. उन्होंने आसाराम की हाल की तस्वीरें और यात्राओं के सबूत भी कोर्ट में पेश किए. गौरतलब है कि आसाराम को 2013 में जोधपुर आश्रम में 16 साल की लड़की से रेप के मामले में 25 अप्रैल 2018 को आजीवन कारावास की सजा हुई थी.
इसके अलावा गुजरात में भी एक अन्य रेप केस में उन्हें सजा मिल चुकी है. करीब 12 साल जेल में बिताने के बाद जनवरी 2025 में पहली बार उन्हें स्वास्थ्य आधार पर अस्थायी जमानत मिली थी. अब सुप्रीम कोर्ट में यह मामला सूचीबद्ध हो चुका है. पीड़िता की याचिका पर जल्द सुनवाई होने की उम्मीद है.