नई दिल्ली: असम के चिरांग जिले में भारत-भूटान सीमा के पास स्थित रूनीखाता वन क्षेत्र में गुरुवार देर रात से शुरू हुआ विवाद शुक्रवार को भी जारी रहा. अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान वन विभाग की कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हो गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए. पूरी घटना की शुरुआत तब हुई जब वन विभाग ने आरक्षित वन भूमि पर अतिक्रमण के आरोप में कुछ स्थानीय लोगों को हिरासत में लिया.
उनकी रिहाई की मांग को लेकर गुरुवार रात बड़ी संख्या में ग्रामीण वन क्षेत्र कार्यालय पहुंचे और वहां घेराव कर दिया. प्रदर्शन में महिलाओं की भी अच्छी-खासी तादाद थी. जैसे-जैसे भीड़ बढ़ी, हालात नियंत्रण से बाहर होते गए. भीड़ को खदेड़ने के लिए वन कर्मचारियों ने लाठीचार्ज किया, जिसमें एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई. इस खबर के फैलते ही लोगों में आक्रोश बढ़ गया.
ग्रामीणों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उन पर अनावश्यक बल प्रयोग किया.शुक्रवार की सुबह फिर से बड़ी संख्या में लोग वन कार्यालय के पास इकट्ठा हो गए. सुरक्षा बलों के साथ बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया. प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए.
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें कई स्थानीय लोग घायल बताए जा रहे हैं. घटना के बाद पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल है. प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं. अधिकारियों ने कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था. स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है.