लखनऊ: विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने रविवार को केरल और पश्चिम बंगाल की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई और केंद्र सरकार से दोनों राज्यों में तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की. राय ने दावा किया कि ये दोनों राज्य "मुस्लिम राष्ट्र" बनने की ओर बढ़ रहे हैं और भारत से अलग होने की साजिश रच रहे हैं. गोपाल राय ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, "केरल और पश्चिम बंगाल आज खतरनाक मोड़ पर खड़े हैं. इन राज्यों में लव जिहाद और हिंदुओं के खिलाफ हिंसा तेजी से बढ़ रही है, जो एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है."
उन्होंने आरोप लगाया कि इन राज्यों में ऐसी ताकतें सक्रिय हैं जो देश के खिलाफ काम कर रही हैं और भारत को विभाजित करने की कोशिश में हैं. राय ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि अगर समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए तो यह स्थिति देश के लिए "दूसरा विभाजन" साबित हो सकती है. उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार को चाहिए कि वह तुरंत केरल और पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करे ताकि इन देश-विरोधी ताकतों को कुचला जा सके और राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया जा सके."
उनके इस बयान ने सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं उत्पन्न की हैं. कुछ लोगों ने उनके दावों का समर्थन किया, जबकि अन्य ने इसे सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाला और आधारहीन बताया. स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें स्थिति पर नजर रख रही हैं.
गोपाल राय के बयान की पृष्ठभूमि में हाल के कुछ सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में हैं, जिनमें दावा किया गया है कि केरल और पश्चिम बंगाल में सांप्रदायिक तनाव बढ़ रहा है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है, और आने वाले दिनों में केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया और इस मांग पर होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं.