नई दिल्ली: राजस्थान निर्वाचन विभाग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाता सूची का ड्राफ्ट रोल जारी कर दिया है. इस प्रक्रिया में राज्य के कुल 5.46 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 41.85 लाख नाम विभिन्न कारणों से हटाए गए हैं. इनमें मुख्य रूप से मृतक, स्थायी रूप से स्थानांतरित हुए, अनुपस्थित या डुप्लिकेट पंजीकरण वाले मतदाता शामिल हैं.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन के अनुसार, इस ड्राफ्ट सूची को विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है. साथ ही, अनुपस्थित (Absent), स्थानांतरित (Shifted), मृत (Dead) और पहले से अन्य जगह पंजीकृत (Already Enrolled) मतदाताओं की अलग-अलग सूचियां भी उपलब्ध कराई गई हैं. यह सूची सभी 41 जिलों, 199 विधानसभा क्षेत्रों और 61,000 से अधिक मतदान केंद्रों के स्तर पर तैयार की गई है. पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इसे मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ भी साझा किया जाएगा.
नाम हटने पर व्यक्तिगत नोटिस नहीं, लेकिन आपत्ति दर्ज कराएं
हटाए गए नामों वाले मतदाताओं को व्यक्तिगत नोटिस नहीं भेजे जाएंगे. यदि आपको लगता है कि आपका नाम गलती से हटाया गया है, तो आप दावा-आपत्ति की अवधि में आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकते हैं. यह अवधि आमतौर पर दिसंबर से जनवरी तक चलती है – सटीक तिथियां विभाग की वेबसाइट पर जांच लें.
इसके अलावा, करीब 11 लाख ऐसे मतदाता हैं जिनकी मैपिंग नहीं हो सकी. इन लोगों को एसडीएम स्तर पर नोटिस जारी किए जाएंगे. नोटिस मिलने पर दस्तावेज जमा करके वे अपना नाम दोबारा शामिल करवा सकते हैं.
नाम जांचें और नए नाम जोड़ें
प्रक्रिया की गारंटी: कोई नाम बिना सुनवाई के नहीं हटेगा
SIR नियमों के तहत किसी मतदाता का नाम अंतिम सूची से हटाने से पहले सुनवाई का अवसर अनिवार्य है. संबंधित अधिकारी लिखित आदेश जारी करेंगे, जिसके खिलाफ अपील की जा सकती है – पहले कलेक्टर और फिर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास. यह पूरा अभियान मतदाता सूची को साफ-सुथरा और अपडेट रखने के लिए है, ताकि हर पात्र नागरिक का वोटिंग अधिकार सुरक्षित रहे. यदि आपका नाम प्रभावित हुआ है, तो बिना देरी किए विभाग की वेबसाइट पर जांच करें और जरूरी कदम उठाएं. जिला निर्वाचन कार्यालय या हेल्पलाइन से भी सहायता ली जा सकती है.