नई दिल्ली: दिसंबर का महीना जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, उत्तर भारत में सर्दी का कहर बढ़ता जा रहा है. कई इलाकों में घने कोहरे ने विजिबिलिटी को बेहद कम कर दिया है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर बुरा असर पड़ रहा है. सुबह-सुबह वाहन धीमी रफ्तार से चलने को मजबूर हैं, जबकि ट्रेनें और फ्लाइट्स देरी का शिकार हो रही हैं. एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना से मौसम में और बदलाव आने वाला है, जिससे कुछ जगहों पर हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है.
18 दिसंबर की सुबह दिल्ली-एनसीआर में ठंडी हवाओं के साथ घना कोहरा छाया रहा, हालांकि कुछ जगहों पर मौसम साफ भी दिखा. कोहरे के कारण कई ट्रेनें लेट हुईं और फ्लाइट्स प्रभावित रहीं. प्रदूषण का स्तर भी चिंताजनक बना हुआ है, जहांगीरपुरी और वजीरपुर जैसे इलाकों में AQI 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज किया गया.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के कई राज्यों में घने से बहुत घने कोहरे की चेतावनी जारी की है. पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार में 19 से 22 दिसंबर तक सुबह के समय विजिबिलिटी बहुत कम रहने की आशंका है. हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में भी कोहरा जारी रह सकता है. शीतलहर की बात करें तो पश्चिम मध्य प्रदेश, तेलंगाना और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में इसका असर देखा जा रहा है, जबकि कई जगहों पर न्यूनतम तापमान 5-10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है.
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 18 से 23 दिसंबर के बीच हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है. पंजाब में 20-21 दिसंबर को बारिश की संभावना है. दक्षिण भारत में तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में तेज हवाएं और बिजली गिरने का अलर्ट है.
यात्रियों से अपील है कि कोहरे और कम विजिबिलिटी को देखते हुए सावधानी बरतें. फ्लाइट और ट्रेन की स्थिति पहले चेक करें. सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें और स्वास्थ्य का ख्याल रखें. मौसम की यह स्थिति आने वाले दिनों में और सख्त हो सकती है.