कोलकाता : पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई बीजेपी सरकार ने वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी समीक्षा करते हुए कई हाई-प्रोफाइल नेताओं और पूर्व पुलिस अधिकारियों की सुरक्षा में भारी कटौती कर दी है. इस फैसले के तहत अभिषेक बनर्जी समेत कई नेताओं के घरों और दफ्तरों के बाहर तैनात अतिरिक्त पुलिस बल को वापस बुला लिया गया है. प्रशासन का कहना है कि ताजा थ्रेट परसेप्शन रिपोर्ट में इन नेताओं को अब पहले जैसी हाई-सिक्योरिटी की जरूरत नहीं पाई गई.
सरकार ने सबसे बड़ा फैसला अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा को लेकर लिया है. उनकी जेड-प्लस सुरक्षा श्रेणी खत्म कर दी गई है और उनके लिए तैनात विशेष पायलट कार की सुविधा भी वापस ले ली गई है. इसके साथ ही कालीघाट स्थित आवास और कैमैक स्ट्रीट स्थित कार्यालय के बाहर मौजूद अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को हटाने का आदेश जारी किया गया है. नई गाइडलाइन के मुताबिक कल्याण बनर्जी और पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को अब केवल उनके वर्तमान पद के अनुरूप सुरक्षा दी जाएगी. वहीं पूर्व मंत्री अरूप विश्वास के पास कोई संवैधानिक पद नहीं होने के कारण उनकी पुरानी सुरक्षा व्यवस्था समाप्त कर दी गई है.
इसी तरह बेलियाघाटा से विधायक कुणाल को कोर्ट निर्देश के तहत मिली अतिरिक्त सुरक्षा भी हटा दी गई है और अब उन्हें सिर्फ विधायक स्तर की सुरक्षा मिलेगी. सुरक्षा कटौती की सूची में पूर्व डीजीपी मनोज मालवीय और पूर्व कार्यवाहक डीजीपी पीयूष पांडे का नाम भी शामिल है. हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा में कोई कमी नहीं की जाएगी. गृह विभाग ने निर्देश दिया है कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह पूरी मजबूती से जारी रहेगी. बीजेपी सरकार का कहना है कि सुरक्षा केवल वास्तविक खतरे के आधार पर दी जाएगी और अनावश्यक वीआईपी कल्चर को खत्म किया जाएगा.