नई दिल्ली: सरकार ने बुधवार को एक बयान जारी कर बारामती में हुए प्लेन क्रैश की घटना का क्रम बताया, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई. सरकार ने कहा कि विमान को पहले असफल लैंडिंग प्रयास के बाद सुबह 8:43 बजे रनवे 11 पर लैंडिंग के लिए क्लियर किया गया था. हालांकि, क्लियरेंस के बाद कोई रीडबैक (पुष्टि) नहीं दी गई और अगले ही मिनट यानी 8:44 बजे एटीसी ने आग के गोले देखे.
MAYDAY कॉल या कोई भी डिस्ट्रेस कॉल नहीं की गई
पूरे घटनाक्रम में जो अजीब लग रहा है, वह यह है कि क्रैश से पहले एटीसी को कोई मेडे (MAYDAY) कॉल या कोई भी डिस्ट्रेस कॉल नहीं की गई. सरकार ने कहा कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने जांच अपने हाथ में ले ली है. प्रारंभिक जानकारी से पता चलता है कि बारामती एयरपोर्ट पर घना कोहरा और कम दृश्यता की स्थिति थी जब विमान क्रैश हुआ. इंडिया टुडे टीवी को सूत्रों ने बताया कि सुबह दृश्यता काफी तेजी से कम हो गई थी और विमान अप्रोच पर था जब वह गिर गया.
प्लेन क्रैश घटनाओं का क्रम
पवार चार महत्वपूर्ण बैठकों के लिए बारामती जा रहे थे, जो आगामी जिला परिषद चुनावों से पहले होने वाली थीं. क्रैश में दो पायलट और अजित के दो सुरक्षा कर्मी (1 पीएसओ और 1 अटेंडेंट) भी मारे गए. यह घटना तब हुई जब चार्टर्ड विमान बारामती एयरपोर्ट पर दूसरी इमरजेंसी लैंडिंग की कोशिश कर रहा था.