प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने बुधवार को विपणन सत्र 2025-26 के लिए सभी अनिवार्य रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाने के कैबिनेट के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि सरकार देश में किसानों के कल्याण के लिए लगातार बड़े फैसले ले रही है. बता दें कि PM मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने उत्पादकों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के लिए सभी अनिवार्य रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि को मंजूरी दे दी है.
इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि हम अपने किसान भाइयों और बहनों के कल्याण के लिए लगातार बड़े फैसले ले रहे हैं. इस दिशा में आज हमारी सरकार ने 2025-26 के विपणन सत्र के लिए गेहूं और चना सहित अनिवार्य रबी फसलों के MSP में वृद्धि की है. इससे हमारे अन्नदाताओं का जीवन आसान हो जाएगा. सरकार ने रबी फसलों के MSP में वृद्धि की है ताकि उत्पादकों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित किया जा सके.
MSP में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी रेपसीड और सरसों के लिए 300 रुपये प्रति क्विंटल और मसूर के लिए 275 रुपये प्रति क्विंटल की घोषणा की गई है. बुधवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद इस फैसले की घोषणा की.
इन फसलों में हुई बढ़ोतरी...
चना, गेहूं, कुसुम और जौ के लिए क्रमश: 210 रुपये प्रति क्विंटल, 150 रुपये प्रति क्विंटल, 140 रुपये प्रति क्विंटल और 130 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है. विपणन सत्र 2025-26 के लिए अनिवार्य रबी फसलों के लिए MSP में वृद्धि, अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना के स्तर पर MSP तय करने की केंद्रीय बजट 2018-19 की घोषणा के अनुरूप है.
अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत पर अपेक्षित मार्जिन गेहूं के लिए 105 प्रतिशत है, इसके बाद रेपसीड और सरसों के लिए 98 प्रतिशत, मसूर के लिए 89 प्रतिशत, चना के लिए 60 प्रतिशत, जौ के लिए 60 प्रतिशत और कुसुम के लिए 50 प्रतिशत है. रबी फसलों के इस बढ़े हुए MSP से किसानों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित होगा और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन मिलेगा.