राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी जब कुछ नहीं करती थीं, तब भी करोड़ों की मालकिन थीं. फिलहाल पार्टी की महासचिव हैं. लालू यादव के बेटे तेजस्वी और तेज प्रताप जब मंत्री नहीं थे तब भी करोड़ों के मालिक थे. राजनीति में ऐसे में अनगिनत उदाहरण हैं. सिर्फ राजनीति ही नहीं किसी और क्षेत्र में भी अगर परिवार का कोई सदस्य किसी अच्छे पद पर पहुंच जाता है तो वो अपने परिवार वालों को भी आर्थिक तौर पर मजबूत करता है. लेकिन ऐसे अनगिनत उदहारण के बीच सीएम योगी एक अलग उदाहरण पेश करते हैं. क्योंकि एक तरफ राहुल गांधी की बहन हैं तो वहीं दूसरी तरफ सीएम योगी की बहन हैं.
एक बहन है जो करोड़ों की मालिक हैं, तो वहीं एक बहन आज भी चाय की दुकान चलाती है. सीएम योगी के परिवार की चर्चा अक्सर होती रहती है. अब क्योंकि रक्षाबंधन नज़दीक है तो ऐसे में आज एक ऐसे भाई बहन के बारे में बात करेंगे जो शायद ही मिल पते हैं. भाई देश विदेश में विख्यात है, योगी मॉडल की चर्चा हर तरफ होती है. हर राज्य की जनता चाहती है कि उनके राज्य का सीएम योगी जैसा हो. योगी के पास पॉवर है वो जो चाहें कर सकते हैं लेकिन इसके उलट उनका परिवार आज भी उसी गांव में रहता है. खासकर उनकी बहन की चर्चा अक्सर होती रहती है. क्योंकि जिसका भाई पहले सांसद रहा हो फिर दो बार से देश के सबसे बड़े सूबे का मुख्यमंत्री है उनकी बहन आज भी छोटी सी चाय की दुकान चलाती है. तो भाई-बहन के इस अनोखे रिश्ते की कहानी तो हर किसी को जाननी ही चाहिए.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश और अपने राज्य के प्रति इतने समर्पित हैं वो अपने काम पर ही ध्यान दे पाते हैं इसमें उनके परिवार का भी बड़ा हाथ है और जब भी बात सीएम के परिवार की होती है तो उनकी छोटी बहन का ज़िक्र न हो ऐसा हो नहीं सकता. योगी आदित्यनाथ की बहन का नाम शशि है जो पौड़ी के कोठार गांव में रहती हैं और वे एक चाय की दुकान चलाती हैं. भाई के मुख्यमंत्री होने के बावजूद शशि सिंह सरल और गरीबी का जीवन व्यतीत कर रही हैं.
अपनी छोटी सी दुकान में जिसकी हालत बेहद जर्जर है उसमे वह अपने हाथों से काम करती हैं और शशि सिंह की ये कहानी उन तमाम परिवारों के लिए उदहारण है जो किसी अच्छे पद पर आते ही सबसे पहले अपने परिवार की मदद करते हैं. योगी आदित्यनाथ की बहन उन लोगों में से हैं जो खुद के मेहनत के बल पर ही अपना जीवन चलाना चाहती हैं, बिना किसी दिखावे के. इसके साथ ही, वे अपने भाई के सामर्थ्य और ईमानदारी का भी प्रमाण हैं कि उन्होंने अपने परिवार की सामाजिक स्थिति के बावजूद एक सशक्त महिला के रूप में अपनी पहचान बनाई है. वो चाहती तो अपने भाई से मदद की उम्मीद कर सकती हैं लेकिन उन्होंने ये रास्ता नहीं चुना बल्कि दुनिया की तमाम बहनों और महिलाओं के लिए प्रेणना बन गई.
योगी आदित्यनाथ की बहन शशि देवी तीर्थ नगरी ऋषिकेश में चाय की दुकान चलाती हैं. बता दें कि शशि देवी तीर्थनगरी ऋषिकेश में चाय की दो दुकानें हैं. एक दुकान नीलकंठ मंदिर के पास है तो दूसरी भुवनेश्वरी मंदिर के पास है. इन दुकानों में चाय, पकौड़ी और प्रसाद मिलता है. उनका कहना है कि वे अपने भाई से उत्तराखंड का भी भला चाहती हैं. वे कहती हैं कि उनका भाई उनके लिए कुछ या न करे, लेकिन पहाड़ की जनता के लिए कुछ अच्छा जरूर करें. शशि देवी का ससुराल ऋषिकेश में है. इनके पति पूरन सिंह पयाल पूर्व ग्राम प्रधान भी रह चुके हैं. इसके साथ ही नीलकंठ मंदिर के पास इनका एक लॉज भी है.
सीएम योगी की बहन का एक बयान तेज़ी से वायरल हुआ था जब उनकी छोटी बहन ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने 30 साल आपको राखी नहीं बांधी. 2022 में उन्होंने कहा कि जब उन्हें पता चला कि वो घर छोड़कर योगी बनने के लिए निकले हैं तो वो भिक्षा मांगने वाले संतों में उनको ढूंढ रही थीं लेकिन वो नहीं मिले. वहीं जब सीएम योगी से जब इसका जिक्र किया गया और पूछा गया कि मुख्यमंत्री के आसपास ही लोग काफी धन अर्जित कर लेते हैं. ऐसे में इस बात को वह किस तरह से देखते हैं? तो योगी ने कहा कि सबसे बड़ा योगी वह है, जो स्वयं की मेहनत से संतुष्ट है. स्वयं के परिश्रम से संतुष्ट है. आप इनके लिए दो शब्द क्या कहना चाहेंगे, कमेंट कर जरूर बताएं, क्योंकि ऐसे लोगों का हौसला जरूर बढ़ाना चाहिए.