CM Yogi PM Modi meeting: 19 जुलाई की दोपहर करीब सवा 2 बजे योगी आदित्यनाथ अचानक से गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पर पहुंचते हैं, वहां से सीधा पीएम मोदी के पास पहुंचते हैं, पहले गुलदस्ता देते हैं, फिर बातचीत होती है, उसकी तस्वीर भी सामने आती है, जिसका विश्लेषण लोग अलग-अलग तरीके से कर रहे हैं, लेकिन तस्वीर से ज्यादा बड़ी बात है कि योगी का पीएम मोदी से करीब सवा घंटे मिलना, आम तौर पर मोदी इतना वक्त तभी देते हैं, जब चुनाव का समय हो या बात कोई बड़ी हो. फिर योगी से इनकी क्या बात हुई, और उसके ठीक बाद सीएम योगी की गाड़ी बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर पहुंचती है, वहां नड्डा को भगवा अंगवस्त्र भेंट करते हैं, बातचीत होती है, और फिर सीधा सीएम योगी की गाड़ी पहुंचती है गृहमंत्री अमित शाह के पास, वहां भी योगी और शाह के बीच काफी देर तक चर्चा होती है.
बाहर इस बात की चर्चा है कि यूपी को नया बीजेपी अध्यक्ष मिलने वाला है, इसलिए योगी चर्चा करने दिल्ली गए थे, लेकिन योगी ट्विटर पर लिखते हैं ये शिष्टाचार भेंट है, और तीनों मुलाकात की तस्वीरें शेयर करने में उनकी ये बात कॉमन थी, पर सवाल ये उठ रहे हैं कि आम तौर पर तीनों बड़े नेताओं से सीएम योगी एक ही दिन में और 3 घंटे के भीतर मुलाकात करते नहीं देखे गए हैं, ये काफी रेयर बात है, तो क्या ये शिष्टाचार भेंट की बजाय इमरजेंसी भेंट थी, योगी के विरोधी इस बात को ऐसे ही देख रहे हैं, और उनकी थ्योरी में केशव प्रसाद मौर्य भी हैं. जो 8 जुलाई को पहले दिल्ली में गृहमंत्री शाह से मुलाकात कर लखनऊ लौटे थे.
17 जुलाई को ब्रजेश पाठक ने भी शाह से मुलाकात की थी. लेकिन यहां एक कहानी छूट जाती है, वो ये कि योगी जब-जब दिल्ली से लौटते हैं, उनके तेवर बदल जाते हैं. इस बार जब वो तीन घंटे में तीन मीटिंग करके लौटे तो अगले ही दिन कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा करते हैं और कहते हैं कांवड़ियों के वेश में कोई उपद्रवी न छिपा हो इसका ख्याल रखें. अगर कोई दिखे तो पुलिस को सूचित करें. यूपी की राजनीति पर पकड़ रखने वाले पत्रकार कहते हैं, ''बीजेपी में अध्यक्ष पद को लेकर मंथन लंबे वक्त से जारी है, लेकिन यूपी में अखिलेश यादव के पीडीए ने जैसा झटका लोकसभा चुनाव में दिया है, उसका कोई तोड़ बार-बार ढूंढने की कोशिश की जा रही है.''
यूपी में इस वक्त केशव प्रसाद मौर्य के रूप में बीजेपी के पास पीडीए का बड़ा चेहरा है, तो क्या वो डिप्टी सीएम से हटकर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बनेंगे, इस बात की भी चर्चा है. वो बीते दिनों कैंप कार्यालय लखनऊ में दर्जनों विधायकों और पूर्व विधायकों से मुलाकात भी कर चुके हैं, फिर ब्रजेश पाठक दिल्ली दौरे पर क्यों पहुंचे थे, ये वो सवाल हैं, जो यूपी की सियासत में इन दिनों चर्चा में हैं. पर अंदर की बात ये है कि बीजेपी में फिलहाल सबकुछ अंडर कंट्रोल वाली स्थिति है, और योगी का दिल्ली दौरा कई मुद्दों पर मंथन को लेकर था, तीन बड़े नेताओं से तीन घंटे की मीटिंग शिष्टाचार भेंट के साथ-साथ कई विषयों पर चर्चा को लेकर भी थी, क्योंकि दो बड़े नेता मिलते हैं तो फिर बात कई मुद्दों पर होती है. और यूपी में अगले साल पंचायत चुनाव भी है, जिसे यूपी विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल भी कहा जा रहा है और तो बीजेपी की नजरें उस पर भी टिकी हैं.