महाकुंभ शुरू होने से 15 दिन पहले, दो खुफिया रिपोर्ट आई है, पहली रिपोर्ट में प्रयागराज का जिक्र है, जबकि दूसरी रिपोर्ट में हिंदुस्तान के कई शहरों में होने वाली घटनाओं का लेखा-जोखा है, एक-एक कर दोनों खुफिया रिपोर्ट की बातें आपको बताते हैं, प्रयागराज में जहां 40-45 करोड़ श्रद्धालु जुटने वाले हैं, वहां 45 दिनों में कुछ भयंकर हो सकता है, योगी की पुलिस और केन्द्रीय एजेंसियों को चकमा देने का पूरा प्लान दुश्मनों ने तैयार कर लिया है.
अघोरी बनकर महाकुंभ में घुसेंगे आतंकी
इन बहुरुपियों को कैसे सबक सीखाना है, मेला क्षेत्र से बाहर रोकना है, इसकी प्लानिंग रिपोर्ट आते ही बन गई है, लेकिन गोपनीयता के लिहाज से हम आपको वो बातें नहीं बता सकते, बस इतना बता सकते हैं कि कोई बहुरुपिया वेश बदलकर घुसने की कोशिश करेगा, या प्रयागराज में कमरा लेकर संगम में लाल गंगा बहाने की साजिश रचेगा तो उसका अंजाम मौत होगा. खुद सीएम योगी करीब एक महीने में 5 बार प्रयागराज का दौरा कर चुके हैं, जब ये खुफिया रिपोर्ट सामने आई तो योगी खुद दौड़े-दौडे प्रयागराज पहुंचे, वहां की सुरक्षा में ATS के बाद तुरंत एनएसजी कमांडो को उतार दिया, इनपुट इस बात का भी है कि इनके निशाने पर सिर्फ प्रयागराज नहीं, बल्कि वाराणसी और अयोध्या जैसे शहर भी हैं, क्योंकि महाकुंभ के दौरान, खासकर माघ के महीने में यहां करोड़ों की भीड़ उमड़ने वाली है, अयोध्या की सुरक्षा कुछ महीने पहले ही सीएम योगी ने NSG कमांडो के हवाले की हुई है, जबकि वाराणसी की कमान अभी वो ऑफिसर संभाल रहे हैं, जिन्होंने साल 2019 में महाकुंभ का जिम्मा संभाला था, और एक पत्ता भी इधर से उधर नहीं हुआ था, खतरा जितना बड़ा है, तैयारी भी उतनी ही बड़ी है, हालांकि दूसरी खुफिया रिपोर्ट थोड़ी चौंकाने वाली है, जिसमें कहां जा गया है कि पीओके में करीब 200 दुश्मन तैयार खड़े हैं, जो किसी भी वक्त हिंदुस्तान में घुसपैठ कर सकते हैं, वहां की सेना और ISI इस काम में चौबीसों घंटे उनकी मदद में लगी है.
जिसे देखते हुए जम्मू-कश्मीर के बॉर्डर इलाकों से लेकर कई राज्यों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. नए साल को देखते हुए जगह-जगह सादी वर्दी में, साधू के वेश में या फिर दुकानदार बनकर भीड़ के बीच जवान घूम रहे हैं,, जिनकी ड्यूटी है ऐसे लोगों पर नजर रखने की, जिनके दिमाग में खुराफात चल रहा हो, जो एक इशारे पर सारी सुरक्षा को तहस-नहस करना चाहता हो...
इस बार महाकुंभ में बड़ा खतरा इसलिए भी मंडरा रहा है, क्योंकि पहले तो बुलडोजर मुस्लिमों पर चलाने का आरोप योगी सरकार पर लगे थे, लेकिन अब संभल में खुदाई भी हो रही है, जिसे अलग तरीके से प्रचारित किया जा रहा है. राम मंदिर के भव्य निर्माण से चिढ़े आका कुछ युवाओं को भड़काने की कोशिश में लगे हैं.
इसीलिए महाकुंभ में इस बार सुरक्षा घेरा किसी चक्रव्यूह की तरह 7 चक्रों का रखा गया है. घर से निकलने से लेकर बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेला क्षेत्र, होटल, गंगा किनारे और भीड़ के बीचों-बीच भी आप निगरानी में होंगे, सीसीटीवी कैमरे और घुड़सवार पुलिस की नजर से जो बच जाएगा...वो वहां उड़ते ड्रोन कैमरे की जद में होगा.