अभिषेक चतुर्वेदी
जंगलों की खाक छानते स्पेशल कमांडो, हवा में उड़ते ड्रोन और अपनी जीभ से जमीन को सूंघकर दुश्मन का पत्ता ढूंढते ये स्नीफर्स डॉग. ऑपरेशन पंजाल लॉन्च कर चुके हैं, ये ऑपरेशन देश के दुश्मनों का नामोनिशान मिटाने वाला है. ये ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर का इतिहास बदलने वाला है. इस ऑपरेशन में जुटे सेना के 7 हजार स्पेशली ट्रेंड कमांडो को साफ आदेश दिया गया है, जब तक दुश्मन का नामोनिशान नहीं मिटता, तब तक कैंप में वापस कदम नहीं रखना. जो ले जाना है ले जाओ, जितनी मदद चाहिए बताओ, पर कोई दुश्मन बचना नहीं चाहिए.
खुली छूट मिलते ही सेना के जवानों ने पहले कई दुश्मनों को ढेर किया और उसके बाद ये पता लगाया कि कश्मीर कंट्रोल में है तो फिर जम्मू में ऐसी घटनाएं कैसे हो रही हैं, तो उसके बाद जो खुलासा हुआ वो हैरान कर देने वाला था.
बात सिर्फ यहीं खत्म नहीं होती बल्कि रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल संजय कुलकर्णी के हवाले से एक मीडिया चैनल ये तक बताता है कि पाकिस्तान ने इस बार कितने लोगों को सीमापार एक्सपोर्ट किया है. एक मीडिया चैनल लिखता है जम्मू में जो घटनाएं हो रही हैं, उन दुश्मनों की कद काठी विदेश वाली है. इन सबके पास सेना वाले सामान मिले हैं, जो साफ इशारा करता है पाकिस्तानी सेना अब ज्यादा खुलकर इनकी मदद कर रही है. अब तक जम्मू क्षेत्र में जो घटनाएं होती थीं, वहां स्थानीय युवाओं को बरगलाकर ऐसे काम करवाए जाते थे, पर इस बार खुद विदेशी लड़के यहां घुस आए हैं. सेना इनकी ताकत, कमजोरी और रणनीति समझ चुकी है.
अब इनका अंजाम क्या होगा, सेना के गुस्से से इसका अंदाजा आप लगा लीजिए. बीते कई दिनों में देश के कई दुश्मन ठिकाने लग चुके हैं और अब सेना ने इनकी पूरी लोकेशन भी निकाल ली है. ख़बर है कि जम्मू के डोडा और कठुआ इलाके 5 महीने से दहशतगर्दों ने कई सीक्रेट ठिकाने बना रखे हैं. कठुआ के बदनोटा से डोडा के बग्गी तक करीब 250 किलोमीटर के इलाके 25-30 दहशतगर्द छिपे हैं, जो वहां की पहाड़ियों पर चढ़कर पहले अपने कारनामे को अंजाम देते हैं, फिर वापस जंगल में छिप जाते हैं.
इसीलिए वहां अब राशन-पानी और सारी तैयारी के साथ सेना के जवान डटे हैं. क्योंकि अगर ये जम्मू में आज नहीं रुका तो इसे पंजाब के रास्ते दिल्ली तक पहुंचने में ज्यादा देर नहीं लगेगी. इसीलिए दिल्ली में भी लगातार मीटिंग का दौर चल रहा है. हालत ये है कि पीएम मोदी को कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति CCS की बैठक बुलानी पड़ी. जिसमें पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत कई आला अधिकारी मौजूद रहे. करीब एक घंटे तक चली मीटिंग में देश के दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने की रणनीति पर चर्चा हुई.
खुद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं. जल्द ही क्लीन एंड ग्रीन जम्मू-कश्मीर की खबर सामने आ सकती है. जहां देश के दुश्मनों की कोई जगह नहीं होगी.