नई दिल्ली: पहले 'ज्ञानवापी फाइल्स: अ टेलर्स मर्डर स्टोरी' के नाम से जानी जाने वाली फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' अब 8 अगस्त 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद आया है, जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट को फिल्म की रिलीज के लिए सरकार की मंजूरी के खिलाफ उठाई गई चुनौतियों पर विचार करने का निर्देश दिया गया.
मूल रूप से 11 जुलाई 2025 को रिलीज होने वाली इस फिल्म को सेंसरशिप और कानूनी अड़चनों के कारण कई बार स्थगित करना पड़ा. विजय राज द्वारा कन्हैया लाल की भूमिका निभाई गई इस फिल्म का निर्माण अमित जानी ने किया है, और यह दर्शकों और समीक्षकों के बीच काफी चर्चा में रही है. निर्देशक भरत श्रीनाथ ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नई रिलीज तारीख की घोषणा की, जिससे फिल्म के वितरण की कानूनी लड़ाई समाप्त हो गई. केंद्र सरकार की रिलीज की मंजूरी को चुनौती देने के कारण फिल्म की रिलीज टल गई थी, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश ने विश्वव्यापी रिलीज का रास्ता साफ कर दिया है.
भरत श्रीनाथ ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं और 8 अगस्त को फिल्म रिलीज करने के लिए तैयार हैं. जानी फायरफॉक्स फिल्म्स 8 अगस्त से उदयपुर फाइल्स का प्रमोशन शुरू करेगी और इसे विश्वव्यापी रिलीज करेगी. सत्य की हमेशा जीत होती है." बीजेपी नेता अमित मालवीय ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए X पर लिखा, "सुप्रीम कोर्ट ने उदयपुर फाइल्स पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. यह एक ऐतिहासिक जीत है. सिनेमा को चुप नहीं किया जाएगा - यह बोलेगा!"
बता दें कि 'उदयपुर फाइल्स' उदयपुर के दर्जी कन्हैया लाल की जून 2022 में हुई हत्या पर आधारित है. कन्हैया लाल की कथित तौर पर मोहम्मद रियाज और मोहम्मद गौस ने हत्या कर दी थी. हत्यारों ने बाद में एक वीडियो जारी कर दावा किया कि यह हत्या कन्हैया लाल द्वारा पूर्व बीजेपी सदस्य नूपुर शर्मा के पैगंबर मोहम्मद पर विवादास्पद टिप्पणी के समर्थन में कथित तौर पर सोशल मीडिया पोस्ट साझा करने की प्रतिक्रिया में की गई थी.
इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने की थी, और आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था. वर्तमान में यह मामला जयपुर की विशेष NIA अदालत में विचाराधीन है. फिल्म को लेकर कई उत्पादन और कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन निर्माताओं ने रिलीज के लिए अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी. सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने अब इस विवादास्पद फिल्म के लिए रास्ता साफ कर दिया है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि यह दर्शकों पर कैसा प्रभाव डालती है.